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अपने लाडले को नहीं बचा पाई मां, मौत

Sun, 15 Feb 2015 09:24 AM IST
Updated Sun, 15 Feb 2015 09:24 AM IST
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child death sue to absence of doctor in himachal.

समय पर इलाज न मिलने एवं उल्टी दस्त के कारण नौ महीने के एक बच्चे की मौत हो गई है। पीड़ित बच्चे को इलाज के लिए शुक्रवार को जरवा से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हरिपुरधार लाया गया था।

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बच्चे को जब दोपहर बाद करीब 3.15 बजे पीएचसी लाया गया तो वहां पर कोई भी डॉक्टर मौजूद नहीं था। डॉक्टर न होने के कारण परिजन बिना इलाज के ही बच्चे को नाहन ले गए मगर बच्चे ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। इस घटना से क्षेत्र के लोगों में स्वास्थ्य विभाग के प्रति रोष व्याप्त है।
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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हरिपुरधार में मात्र एक ही डॉक्टर तैनात है। 108 एंबुलेंस से पांच बजे के बाद जिन मरीजों को पीएचसी में लाया जाता है उन्हें बिना इलाज व प्राथमिक उपचार के ही संगड़ाह भेज दिया जाता है।

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डाक्टर नहीं करता ईलाज

child death sue to absence of doctor in himachal.

ग्रामीणों का आरोप है कि हरिपुरधार में तैनात एकमात्र चिकित्सक पांच बजे के बाद मरीजों का इलाज करने से आना-कानी करती हैं।

पीएचसी हरिपुरधार रेणुका क्षेत्र की सबसे अधिक ओपीडी वाली पीएचसी है। रात को आपात सेवा न होने के कारण कई मरीज बिना इलाज के ही दम तोड़ देते हैं।

लोगों ने सरकार से मांग की है कि पीएचसी हरिपुरधार में एक डॉक्टर की नियुक्ति और की जाए ताकि मरीजों को रात में भी आपात सेवाएं प्रदान हों।

ईलाज होता तो बच जाती जान

child death sue to absence of doctor in himachal.

वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला जरवा जुनेली में अंग्रेजी विषय की प्रवक्ता विजय लक्ष्मी नेगी ने रोते हुए बताया कि यदि उनके नौ माह के बच्चे वासु का समय पर ईलाज होता तो उसकी जान बच सकती थी।

लक्ष्मी ने बताया कि उनके बच्चे को वीरवार रात को उल्टी दस्त लग गए थे। शुक्रवार को जब बच्चे की हालत ज्यादा बिगड़ गई तो वह उसे ईलाज के लिए पीएचसी हरिपुरधार ले आए।

पीएचसी में कोई भी डॉक्टर न होने के कारण एक निजी गाड़ी से वह बच्चे को नाहन ले जा रही थी मगर बच्चे ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।

सीएमओ डॉ. हरमोहिंदर सिंह ने बताया कि उन्हें इस मामले की अभी तक कोई जानकारी नहीं है। मामले की छानबीन की जाएगी। पीएचसी में आपात सेवा न होने बारे पूछने पर उन्होंने बताया कि जिले में डॉक्टर की  कमी चल रही है मगर वह हरिपुरधार में एक और डॉक्टर को भेजने के प्रयास कर रहे हैं।

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