पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा को अदालत से मिली बड़ी राहत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा नेता प्रेम कुमार धूमल की ओर से पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा और वरिष्ठ कांग्रेस नेता मोतीलाल वोरा के खिलाफ दायर आपराधिक मानहानि के मामले को सीजेएम शिमला की अदालत ने रद्द कर दिया है। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी रणजीत सिंह ने मामले से जुड़े रिकॉर्ड और साक्ष्यों के अवलोकन के बाद यह फैसला सुनाया है।
प्रेम कुमार धूमल की ओर से आरोप लगाए गए थे कि विधानसभा चुनाव के दौरान 18 जनवरी 2003 को हमीरपुर में एक जनसभा के दौरान पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह और मोती लाल वोहरा ने उन पर भ्रष्टाचार के झूठे आरोप लगाए।
सीजेएम शिमला ने आरोप साबित न होने पर डिसमिस किया केस
इसके बाद तीन फरवरी, 2003 को एक अन्य जनसभा में उनकी मानहानि की। आरोप है इसी दिन आनंद शर्मा ने बड़ोग में पत्रकार वार्ता कर उन पर कई संगीन आरोप लगाए। इस मामले में कोर्ट ने साल 2014 में अमरिंदर सिंह के खेद व्यक्त करने पर उनका नाम मामले से हटा दिया था।
प्रेम कुमार धूमल ने आरोप लगाया था उन्हें विधानसभा चुनाव में हानि पहुंचाने के उद्देश्य से झूठे आरोप लगाए गए। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी शिमला के समक्ष आपराधिक शिकायत दर्ज कर दोनों कांग्रेस नेताओं को दंडित करने की गुहार लगाई थी। सोमवार को अदालत के इस मामले को डिसमिस कर दिया। यह धूमल के लिए झटका माना जा रहा है।