प्रदेश में छावनी चुनाव का बजा बिगुल
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प्रदेश में छावनी चुनाव का बिगुल बज गया है। छह साल के अंतराल के बाद रक्षा मंत्रालय ने हिमाचल समेत देश के 57 छावनी परिषदों के लिए 11 जनवरी को चुनाव की अधिसूचना जारी कर दी है। प्रदेश भर में सात छावनियां हैं। जिसमें तीन जिला सोलन में ही हैं। वर्ष 2013 में छावनी चुनाव प्रस्तावित थे।
लेकिन, लोकसभा चुनाव के चलते परिषद चुनाव को स्थगित कर दिया गया था। लिहाजा पांच माह पहले जनप्रतिनिधियों के बोर्डों को निरस्त कर दिया गया था। इस कारण छावनियों में होने वाले विकास कार्यों पर भी ब्रेक लगी हुई थी। सातों छावनियों में करीब 30386 वोटर हैं।
छावनी ========जिला=====वोट
कसौली========सोलन=====3885
सुबाथू========सोलन=====3680
डगशाई========सोलन=====2904
जतोग========शिमला=====2062
डलहौजी========चंबा======3550
बकलोह========चंबा======1805
योल========कांगड़ा=====12500
2008 में ग्यारह वर्ष बाद हुए थे चुनाव
देश में मई 2008 में ग्यारह वर्षों के बाद छावनी चुनाव हुए थे। इस छावनी चुनाव अधिनियम में संशोधन कर पहली बार महिलाओं को भी चुनाव लड़ने का मौका मिला था। वहीं, इस बार भी कई महिलाएं चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी में हैं।
प्रत्याशियों में लगेगी होड़
2009 से ही छावनी प्रतिनिधियों को मासिक मानदेय का प्रावधान हुआ। कैंट क्षेत्रों के हिसाब यह मानदेय निर्धारित किया गया। वहीं, जिसमें छावनी वार्ड सदस्य को 2850 जबकि उपाध्यक्षों को 3850 प्रतिमाह वेतन दिया जा रहा है। इससे पहले छावनी नेताओं को उनकी सेवाओं के बदले कुछ भी नहीं मिलता था। लिहाजा इस बार काफी प्र्रत्याशियों की संख्या काफी ज्यादा हो सकती है।
जारी हो चुकी है अधिसूचना: सीईओ
कसौली छावनी परिषद के सीईओ वरुण कालिया ने कहा कि अधिसूचना मिल चुकी है। हिमाचल प्रदेश में छावनी परिषदों के चुनाव 11 जनवरी को होंगे। चुनावी प्रक्रिया इसके बाद शुरू हो जाएगी। मंत्रालय से मिलने वाले निर्देशों की अनुपालना होगी। यह अधिसूचना तीन नवंबर को जारी हुई है।