पंचायत सहायकों की भर्ती में बड़ा फर्जीवाड़ा
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हिमाचल में पंचायत सहायक भर्ती को आए आवेदनों में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। पंचायती राज विभाग की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि राज्य भर से आए आवेदनों में उम्मीदवारों ने बड़े स्तर पर जाली प्रमाणपत्र लगाए हैं।
इससे 345 पदों के लिए जारी भर्ती प्रक्रिया को बंद करने की नौबत आ गई है। राज्य में 50 हजार से अधिक उम्मीदवारों ने इन पदों पर भर्ती के लिए आवेदन किए हैं। फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद पंचायती राज मंत्री ने अधिकारियों की एक विशेष बैठक बुलाई है।
ग्राम पंचायत स्तर पर पंचायत सहायकों की भर्ती प्रक्रिया लगभग डेढ़ माह पूर्व शुरू की गई। राज्य भर में कुल 345 पदों को भरने के लिए आवेदन लिए गए हैं।
भर्ती के बंद होने के आसार
इन पदों को साक्षात्कार के माध्यम से भरे जाने के नियम बनाए गए। जहां शैक्षणिक योग्यता से मेरिट बननी थी, वहीं 15 नंबर कंप्यूटर डिप्लोमा एवं इससे संबंधित प्रशिक्षण के रखे गए।
इस पर आनन-फानन में सैकड़ों की संख्या में बेरोजगारों ने फर्जी डिप्लोमा सर्टिफिकेट लेकर आवेदन से जोड़ दिए और इसके अलावा कंप्यूटर से संबंधित जाली अनुभव भी लगाए हैं। प्रारंभिक छानबीन में भी पंचायती राज विभाग ने बड़ी संख्या में इन प्रमाणपत्रों को फर्जी पाया है।
पंचायती राज मंत्री अनिल शर्मा का कहना है कि पंचायत सहायकों की भर्ती के लिए आए आवेदनों में बड़े स्तर पर फर्जी कंप्यूटर डिप्लोमा और इससे संबंधित अनुभव के जाली प्रमाणपत्र पाए गए हैं। भर्ती प्रक्रिया को इसी तरह से चालू रख पाना मुश्किल है। अधिकारियों की बैठक बुलाई है। जल्दी निर्णय लिया जाएगा कि क्या करना है?