सरकार बताएगी कैसे हुआ कंडक्टर भर्ती में घपला?
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एचआरटीसी की टीएमपीए (कंडक्टर) भर्ती पर नए खुलासे की गूंज विधानसभा में भी सुनाई दी। विपक्षी दल भाजपा के विधायक अमर उजाला अखबार की प्रतियां सदन में लेकर आए और चौथे दिन की कार्यवाही शुरू होते ही पूर्व परिवहन मंत्री ने नियम 67 के तहत इस मसले पर काम रोको नोटिस के तहत चर्चा की मांग की।
उन्होंने सदन में आरोप लगाया कि 680 पदों के लिए हो रही इस भर्ती में प्रदेश भर के 35 हजार युवाओं ने आवेदन किया, लेकिन अब पता चल रहा है कि करीब 457 नौकरियां मंत्री के चुनाव क्षेत्र में ही बांटी जा रही हैं।
हालांकि, इस आरोप पर अभी सरकार की ओर से कोई जवाब नहीं आया है। विधानसभा अध्यक्ष बुटेल ने व्यवस्था दी कि विपक्ष की ओर से नोटिस उन्हें मिल गया है, लेकिन इसे कमेंट्स के लिए सरकार को भेजा गया है।
परिवहन मंत्री बाली को देना होगा जवाब
सरकार से जवाब आने के बाद इस पर वह फैसला लेंगे। हालांकि, शाम तक ये सहमति बनी कि मसले की गंभीरता को देखते हुए इस पर बुधवार को नियम 130 के तहत चर्चा हो। विधानसभा सचिव एसएस वर्मा ने इसकी पुष्टि की।
इस चर्चा के बाद परिवहन मंत्री जीएस बाली इस पर सरकार की ओर से जवाब देंगे। गौरतलब है कि अमर उजाला में 9 दिसंबर के अंक में खुलासा किया गया था कि कंडक्टर भर्ती परीक्षा बेशक तकनीकी शिक्षा बोर्ड ने ली, लेकिन इसके लिए पेपर सेटर एचआरटीसी की सिफारिश के लगाए गए थे।
सरकार इस घपले पर क्या सफाई देती है, इस पर सबकी नजरें टिक गई है।