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Shimla News: डिपुओं में नहीं मिला सस्ता राशन, मायूस हो लौटे लोग
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उपभोक्ताओं को झेलनी पड़ी परेशानी
बाजारों से खरीदना पड़ा आटा, चावल और दालें
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी के राशन डिपुओं में बुधवार को लोगों को राशन नहीं मिल पाया। सैकड़ों की तादाद में लोग सुबह से ही राशन डिपुओं के बाहर लाइनों में खड़े रहे लेकिन पॉस मशीन में तकनीकी खामी का हवाला देकर डिपो संचालकों ने राशन देने से मना कर दिया। इस वजह से सैकड़ों लोगों को मायूस होकर लौटना पड़ा। कई लोगों ने बाजारों से महंगी दरों पर आटा, चावल, चीनी और दालों की खरीदारी की।
शहर में 40 से अधिक राशन डिपो हैं। इन डिपुओं पर सुबह 10:00 से शाम 5:00 बजे तक राशन दिया जाता है लेकिन बुधवार सुबह से ही संजौली, लक्कड़ बाजार, बस स्टैंड, खलीनी, छोटा शिमला समेत आसपास के इलाकों में स्थित किसी भी डिपो में लोगों को राशन नहीं मिला। इस वजह से महिलाओं, बुजुर्गों के अलावा दिहाड़ीदार लोग जो भारी संख्या में सुबह से ही राशन लेने के लिए डिपो पहुंचे थे घंटों इंतजार के बाद मायूस होकर लौट गए।
बस स्टैंड राशन डिपो पर आए अनिल ने बताया कि ओटीपी के जरिये प्रक्रिया पूरी नहीं हुई। एयूए लाइसेंस एक्सपायर होने की बात मशीन दर्शा रही है। लक्कड़ बाजार की श्वेता ने बताया कि बच्चों को स्कूल छोड़ने के बाद डिपो आई थी लेकिन राशन नहीं मिला। अब मजबूरन बाजार से महंगी दरों पर आटा, चावल और दालों की खरीदारी करनी पड़ी। लोगों ने मांग की है कि इस समस्या को जल्द ठीक करवाया जाए। शिमला शहर में 25,778 के करीब राशनकार्ड धारक हैं। इनमें 21,495 के करीब एपीएल कार्डधारक उपभोक्ता हैं।
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तकनीकी खामी को किया दुरुस्त
तकनीकी खामी के चलते पॉस मशीनें नहीं चल पाईं। इस वजह से कुछ देर के लिए समस्या आई थी। लेकिन सूचना मिलने के बाद इसे दुरुस्त करवा दिया है। अब पहले की तरह लोगों को राशन मिल रहा है।
- नरेंद्र धीमान, जिला नियंत्रक, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले।
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बाजारों से खरीदना पड़ा आटा, चावल और दालें
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी के राशन डिपुओं में बुधवार को लोगों को राशन नहीं मिल पाया। सैकड़ों की तादाद में लोग सुबह से ही राशन डिपुओं के बाहर लाइनों में खड़े रहे लेकिन पॉस मशीन में तकनीकी खामी का हवाला देकर डिपो संचालकों ने राशन देने से मना कर दिया। इस वजह से सैकड़ों लोगों को मायूस होकर लौटना पड़ा। कई लोगों ने बाजारों से महंगी दरों पर आटा, चावल, चीनी और दालों की खरीदारी की।
शहर में 40 से अधिक राशन डिपो हैं। इन डिपुओं पर सुबह 10:00 से शाम 5:00 बजे तक राशन दिया जाता है लेकिन बुधवार सुबह से ही संजौली, लक्कड़ बाजार, बस स्टैंड, खलीनी, छोटा शिमला समेत आसपास के इलाकों में स्थित किसी भी डिपो में लोगों को राशन नहीं मिला। इस वजह से महिलाओं, बुजुर्गों के अलावा दिहाड़ीदार लोग जो भारी संख्या में सुबह से ही राशन लेने के लिए डिपो पहुंचे थे घंटों इंतजार के बाद मायूस होकर लौट गए।
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बस स्टैंड राशन डिपो पर आए अनिल ने बताया कि ओटीपी के जरिये प्रक्रिया पूरी नहीं हुई। एयूए लाइसेंस एक्सपायर होने की बात मशीन दर्शा रही है। लक्कड़ बाजार की श्वेता ने बताया कि बच्चों को स्कूल छोड़ने के बाद डिपो आई थी लेकिन राशन नहीं मिला। अब मजबूरन बाजार से महंगी दरों पर आटा, चावल और दालों की खरीदारी करनी पड़ी। लोगों ने मांग की है कि इस समस्या को जल्द ठीक करवाया जाए। शिमला शहर में 25,778 के करीब राशनकार्ड धारक हैं। इनमें 21,495 के करीब एपीएल कार्डधारक उपभोक्ता हैं।
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तकनीकी खामी को किया दुरुस्त
तकनीकी खामी के चलते पॉस मशीनें नहीं चल पाईं। इस वजह से कुछ देर के लिए समस्या आई थी। लेकिन सूचना मिलने के बाद इसे दुरुस्त करवा दिया है। अब पहले की तरह लोगों को राशन मिल रहा है।
- नरेंद्र धीमान, जिला नियंत्रक, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले।