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Shimla News: चेरी का 80 से 120 रुपये में बिका एक किलो का बॉक्स
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सीजन अंतिम चरण में, दामों के साथ गुणवत्ता में आई गिरावट
बारिश से प्रभावित चेरी पहुंच रही मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। जिले में चेरी के सीजन का अंतिम चरण शुरू हो गया है। इसके साथ की दामों में भी गिरावट आई है। शहर की भट्ठाकुफर फल मंडी में चेरी की आवक कम हो गई है। बारिश होने के बाद प्रभावित हुई चेरी फल मंडी में पहुंच रही है। 80 से 120 रुपये प्रतिकिलो तक एक बॉक्स बिक रहा है। पहले सबसे अच्छी गुणवत्ता वाली चेरी 100 से 300 रुपये बॉक्स बिक रही थी। आढ़तियों का कहना है कि अच्छी गुणवत्ता चेरी बहुत कम मात्रा में मंडी में पहुंच रही है। ज्यादातर छोटे आकार और बारिश से प्रभावित हुई चेरी ही मंडी में बिकने के लिए आ रही है। जो स्वाद में भी ज्यादा मीठी नहीं है। बागी और नारकंडा से चेरी की फसल सीधे दिल्ली की फल मंडी में बिकने के लिए जा रही है। भट्ठाकुफर फल मंडी में कुमारसैन, कोटगढ़, कोटखाई और जुब्बल सहित अन्य क्षेत्रों से चेरी पहुंच रही है। इसके अलावा सेब और नाशपाती ने भी दस्तक देनी शुरू कर दी है। हालांकि अभी नाशपाती दो किलो और सेब दो व दस किलो की पैंकिंग में मंडी में आ रहा है। नाशपाती 100 रुपये प्रतिकिलो और सेब 100 से 120 रुपये प्रतिकिलो तक बिक रहा है। आढ़तियों के अनुसार जून के अंतिम सप्ताह में सेब की बेहतर फसल फल मंडी में आनी शुरू हो जाएगी।
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कोट
हल्की गुणवत्ता वाली चेरी पहुंच रही मंडी
जिला शिमला में चेरी का सीजन अंतिम चरण में चल रहा है। फल मंडी में गत एक हफ्ते से हल्की गुणवत्ता वाली चेरी पहुंच रही है। इसकी बाहरी राज्यों में मांग कम होती है। इसे ज्यादातर स्थानीय ग्राहक ही खरीदते हैं।
-प्रताप चौहान, प्रधान, भट्ठाकुफर फल मंडी आढ़ती एसोसिएशन
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बारिश से प्रभावित चेरी पहुंच रही मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। जिले में चेरी के सीजन का अंतिम चरण शुरू हो गया है। इसके साथ की दामों में भी गिरावट आई है। शहर की भट्ठाकुफर फल मंडी में चेरी की आवक कम हो गई है। बारिश होने के बाद प्रभावित हुई चेरी फल मंडी में पहुंच रही है। 80 से 120 रुपये प्रतिकिलो तक एक बॉक्स बिक रहा है। पहले सबसे अच्छी गुणवत्ता वाली चेरी 100 से 300 रुपये बॉक्स बिक रही थी। आढ़तियों का कहना है कि अच्छी गुणवत्ता चेरी बहुत कम मात्रा में मंडी में पहुंच रही है। ज्यादातर छोटे आकार और बारिश से प्रभावित हुई चेरी ही मंडी में बिकने के लिए आ रही है। जो स्वाद में भी ज्यादा मीठी नहीं है। बागी और नारकंडा से चेरी की फसल सीधे दिल्ली की फल मंडी में बिकने के लिए जा रही है। भट्ठाकुफर फल मंडी में कुमारसैन, कोटगढ़, कोटखाई और जुब्बल सहित अन्य क्षेत्रों से चेरी पहुंच रही है। इसके अलावा सेब और नाशपाती ने भी दस्तक देनी शुरू कर दी है। हालांकि अभी नाशपाती दो किलो और सेब दो व दस किलो की पैंकिंग में मंडी में आ रहा है। नाशपाती 100 रुपये प्रतिकिलो और सेब 100 से 120 रुपये प्रतिकिलो तक बिक रहा है। आढ़तियों के अनुसार जून के अंतिम सप्ताह में सेब की बेहतर फसल फल मंडी में आनी शुरू हो जाएगी।
कोट
हल्की गुणवत्ता वाली चेरी पहुंच रही मंडी
जिला शिमला में चेरी का सीजन अंतिम चरण में चल रहा है। फल मंडी में गत एक हफ्ते से हल्की गुणवत्ता वाली चेरी पहुंच रही है। इसकी बाहरी राज्यों में मांग कम होती है। इसे ज्यादातर स्थानीय ग्राहक ही खरीदते हैं।
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-प्रताप चौहान, प्रधान, भट्ठाकुफर फल मंडी आढ़ती एसोसिएशन