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नेशनल हाईवे-21 बहाल, खतरा अभी बरकरार
ब्यूरो/अमर उजाला, मंडी
Updated Wed, 09 Dec 2015 12:15 PM IST
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पहाड़ी खिसकने से दवाडा के पास अवरुद्ध चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे-21 को विभाग ने सिंगल लेन बहाल कर दिया है। हालांकि अभी भी पहाड़ी से मलबा और खतरा गिरने का खतरा बना हुआ है। सोमवार रात करीब एक बजे पहाड़ी से मलबा गिरने से एनएच बंद हो गया था। जिसे साफ कर मंगलवार सुबह नौ बजे एनएच को वन-वे खोला गया। मंगलवार को एक-एक घंटे के अंतराल में विभाग वाहनों की एक तरफा आवाजाही शुरू की गई।
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वहीं एनएच से मलबा हटाने का काम भी जारी रखा। शाम छह बजे तक विभाग ने आंशिक रूप से एनएच को डबल लेन बहाल कर दिया है। हालांकि मलबा हटाने का काम अभी जारी है। ऐसे में बुधवार शाम तक ही एनएच पर पूरी तरह से यातायात बहाल होने की उम्मीद है।
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सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मनाली नेशनल हाईवे पंडोह से औट तक करीब 20 से 25 किलोमीटर एरिया तक संवेदनशील है। पंडोह-औट तक नेशनल हाईवे पत्थर गिरने और भूस्खलन से बार-बार बंद हो जाता है। साथ ही दवाड़ा के पास खड़ी चट्टान होने के साथ ही ब्यास नदी का खतरे का निशान भी एनएच से ऊपर है।
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बरसात के मौसम में इस एरिया में नेशनल हाईवे बंद हो जाता है। नेशनल हाईवे विभाग की ओर से हर साल लाखों रुपयचे का बजट एनएच की मरम्मत पर खर्च किया जाता है। इसके बावजूद भी पहाड़ी खिसकने की समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। एनएच बंद होने की स्थिति में कुल्लू, लौहाल स्पीति जिला के लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
वहीं पर्यटन नगरी मनाली घूमने आने वाले पर्यटकों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। लेह लद्दाख तक सीमा पर तैनात सेना के जवानों के लिए भी रसद इसी एनएच से जाता है, लेकिन आज तक पंडोह-औट तक एनएच का कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला।
ऐसे में एनएच के बंद होने की स्थिति में वैकल्पिक मार्ग मंडी-कटौला ही एक मात्र मार्ग है, लेकिन इस मार्ग को चौड़ा करने की तरफ भी कोई ध्यान नहीं दिया है। सोमवार को दवाडा के पास पहाड़ी गिरने से बंद एनएच के बाद वाहनों को बजौरा से वाया कटौला होते हुए मंडी भेजा गया, लेकिन रोड तंग होने से जगह-जगह जाम लगने से यात्री परेशान रहे।
नेशनल हाईवे विभाग के सहायक अभियंता कांशी राम गुलेरिया ने बताया कि दवाडा के पास पहाड़ी खिसकने पर एनएच से मलबा हटाने का काम जारी है। मंगलवार शाम तक एनएच को डबल लेन खोल दिया गया। गाड़ियों की आवाजाही के लिए एक-एक घंटे के लिए एनएच को खोला जा रहा है।
वहीं मलबा हटाने का काम जारी है। पंडोह से थलौट तक पहाड़ी से पत्थर गिरने का खतरा पहले से है। फोरलेन निर्माण के बाद यह समस्या नहीं रहेगी। इस साल भी पंडोह से झीड़ी तक एनएच की मरम्मत पर 35 लाख रुपये खर्च किए गए हैं।