जब अफसर ने रिश्तेदारी निभाने को किया ऐसा काम!
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चंबा पुलिस के एक अधिकारी ने शनिवार की आधी रात परिवहन निगम की एक बस को यह कह कर बीच रास्ते में रुकवा दिया कि किसी आपराधिक मामले में शामिल एक व्यक्ति को पकड़ने का अभियान चलाया है।
सारी हकीकत सामने आने तक ऊपरी तौर पर यही लग रहा था, लेकिन असली हकीकत उस समय सामने आई जब पीछे से आ रही एक बस से व्यक्ति को उतार कर रोकी गई बस में बैठा दिया गया।
बाद में उसे ले जाने के लिए बाकायदा आधी रात को पुलिस का वाहन आया, जिस पर बस में बैठी सवारियों को एहसास हुआ कि यह व्यक्ति कोई आपराधिक मामले में संलिप्त नहीं है बल्कि वह पुलिस अधिकारी का परिचित है और उसे लिफ्ट दिलाने के यह सारा पैंतरा बिछाया गया था। इसके चलते यात्रियों से भरी पूरी बस में बैठे लोगों ने अपने आप को ठगा हुआ महसूस किया।
अपराधी के भागने के नाम पर आधा घंटा रोकी बस
बताया जा रहा है कि कांगड़ा से भरमौर के लिए चलने वाली रात्रि बस सेवा कांगड़ा से वाया नूरपुर होती हुई जब लाहडु स्थित पुलिस बैरियर पर पहुंची तो वहां पर तैनात एक पुलिस कर्मी ने बस के चालक को रुकने का इशारा किया।
इसके बाद पुलिस कर्मी ने बस में बैठे हुए लोगों को झांसे में लेते हुए कहा कि एक व्यक्ति धर्मशाला से किसी आपराधिक मामले को अंजाम देकर चंबा की ओर भागा है जिसकी पुलिस तलाश कर रही है।
उधर जब कुछ समय के अंतराल से चल रही फटाहर से न्याग्रां रात्रि बस से बैरियर पर पहुंची तो वहां से पुलिस कर्मियों ने बाइज्जत उक्त व्यक्ति को उतार कांगड़ा भरमौर बस में बैठा कर परिचालक को उसे आगे के स्टेशन पर उतारने को कहा।
जहां बाकायदा एक पुलिस वाहन उक्त व्यक्ति को ले जाने के लिए बस के आने की प्रतीक्षा कर रहा था। लोगों का कहना था कि अगर उक्त व्यक्ति पुलिस अधिकारी का परिचित था तो उसे निजी वाहन से अपने पास बुला लेना चाहिए था।
पुलिस अधीक्षक डीके चौधरी से बात की गई तो उन्होंने इस मामले से अनभिज्ञता जताते हुए कहा कि अगर उन्हें शिकायत मिलती है तो इस संदर्भ में शीघ्र आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।