होली प्रोजेक्ट की टनल में लीकेज से तबाही
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जनजातीय क्षेत्र होली में निर्माणाधीन बिजली प्रोजेक्ट की टनल में रिसाव के बाद भारी मात्रा में आए पानी ने क्षेत्र में तबाही मचा डाली। सेब के बगीचे और कई घराट तबाह हो गए। खेत बह गए हैं। पानी का रौद्र रुप देखकर लोग खौफ में हैं।
ग्रामीणों पर पलायन का खतरा मंडरा गया है। यहां भूस्खलन जैसे हालात पैदा हो गए हैं। टनल से पानी का रिसाव अभी भी जारी है। होली-न्याग्रां सड़क मलबे से भर गई है।
इससे तीन पंचायतों के लिए आवाजाही ठप हो गई है। बताया जा रहा है कि कई गांवों के चारों ओर पानी भर गया है। सोमवार रात करीब साढ़े नौ बजे अचानक टनल में रिसाव शुरू हो गया।
तीन पंचायतों के लोग आवाजाही से महरूम
रिसाव की जद में आने से होली-न्याग्रां सड़क मलबे से भर गई है। न्याग्रां, बजोल तथा दयोल पंचायतों के लोग आवाजाही से महरूम हो गए हैं। यह मार्ग बंद रहता है तो न सिर्फ तीन पंचायतों की आवाजाही प्रभावित होगी। बल्कि कांगड़ा के दुर्गम इलाके बड़ा भंगाल के लिए बनाई जा रही सड़क का काम भी ठप पड़ जाएगा।
जीएमआर की एडिट चार से यह रिसाव शुरू हुआ है। होली के बागवान प्रताप चंद का सेब का बगीचा तबाह हो गया है। नाले के किनारे बने घराट भी जद में आ गए हैं।
सुरंग निर्माण पर चल रहा विवाद
होली में कंपनी प्रबंधन तथा ग्रामीणों के बीच सुरंग निर्माण को लेकर शुरू से विवाद चलता रहा है। ग्रामीण रावी नदी के राइट बैंक से सुरंग निर्माण की मांग करते रहे हैं, जबकि कंपनी प्रबंधन ने लेफ्ट बैंक से प्रोजेक्ट का काम शुरू किया है। इस विवाद पर महिलाओं ने कंपनी के खिलाफ हड़ताल की थी और प्रोजेक्ट साइट पर डेरा डाले रखा था।
क्या कहते हैं ग्रामीण
कर्म चंद, भामिया राम, किशोरी लाल, चुनी लाल और प्रताप चंद सिंह का कहना है कि जीएमआर कंपनी की वजह से गांव में चारों ओर पानी हो गया है। घराटों को नुकसान हुआ है। खेत भी बर्बाद हुए हैं।
जहां पर कंपनी के लोग खुदाई कर रहे थे। वहां पर कच्ची मिट्टी है। इस वजह से अभी तक भूस्खलन और पानी निकलना बंद नहीं हो रहा है।
नुकसान की भरपाई करेंगे: जीएमआर
जीएमआर कपंनी प्रोजेक्ट डायरेक्टर अनिल कुमार ने कहा कि सुरंग से पानी आने की वजह से कोई नुकसान हुआ है तो कंपनी उसका भुगतान कर देगी। कंपनी नुकसान का आकलन करेगी।