केंद्र का फरमान, सड़कों के लिए पैसा चाहिए तो डीपीआर भेजो
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ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कें बनाने के लिए केंद्र सरकार ने हिमाचल सरकार को फरमान जारी किया है कि अगर पैसा चाहिए तो डीपीआर भेजे। मंत्रालय की ओर से 14 नवंबर को यह आदेश जारी हुए हैं। सरकार को 3 सप्ताह के भीतर मंत्रालय में डीपीआर जमा कराने को कहा है।
31 दिसंबर, 2017 से पहले सड़क बनाने को पैसा रिलीज कर दिया जाएगा। हिमाचल के 1100 गांव ऐसे है जहां सड़कें नहीं हैं। हिमाचल सरकार अगर सड़क की डीपीआर बनाने में दिलचस्पी लेती है तो अधिकांश गांव सड़क सुविधा से जुड़ सकेंगे।
केंद्रीय विकास मंत्रालय की ज्वाइंट सेक्रेटरी अल्का उपाध्याय की ओर से यह पत्र जारी हुआ है। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना में पहले केंद्र सरकार का टारगेट 2022 तक हर गांव को सड़क सुविधा से जोड़ने का था।
90 सड़कें फॉरेस्ट क्लीयरेंस में फंसी
लेकिन अब इसकी अवधि घटाकर 2019 की गई है। इसके चलते केंद्र ने फरमान जारी कर समय रहते हर गांव को सड़क से जोड़ने के निर्देश दिए हैं। हिमाचल में पांच सौ आबादी वाले तकरीबन सभी गांव सड़क सुविधा से जुड़ चुके हैं लेकिन 250 आबादी वाले करीब 1100 गांव ऐसे है जहां सड़क नहीं है।
हिमाचल में 150 के करीब ऐसे सड़कें है जो फारेस्ट क्लीयरेंस के कारण फंसी है जबकि 50 सड़कें ऐसी है जिनका कार्य लोगों की रंजिश के कारण लटका हुआ है।
सड़क बनाते वक्त अगर किसी ग्रामीण की जमीन आड़े आती थी तो उसका एनओसी लेकर कार्य शुरू किया जाता था लेकिन जमीन सरकार के नाम करनी होगी उसके बाद ही सड़क बनाने का काम शुरू हो सकेगा।