‘उड़ता पंजाब’: फिल्म लीक होने के सवाल पर क्या बोले सेंसर बोर्ड के मेंबर
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फिल्म ‘उड़ता पंजाब’ को लेकर सेंसर बोर्ड की कार्यप्रणाली पर उठाए गए सवालों को लेकर बोर्ड के मेंबर कृष्ण लाल धीमान ने जवाब दिया है। सेंसर बोर्ड से फिल्म लीक होने का सवाल ही पैदा नहीं होता। बोर्ड में गहन गोपनीयता होती है, जहां फिल्मों व अन्य दृश्य सामग्री की कड़ी समीक्षा होती है।
यह कहना है भारत सरकार के केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड के सदस्य कृष्ण लाल धीमान का। उन्होंने फिल्म ‘उड़ता पंजाब’ को लेकर सेंसर बोर्ड की कार्यप्रणाली पर उठाए गए सवालों को निराधार बताया। वह रविवार को स्वारघाट में पत्रकारों के साथ बातचीत कर रहे थे। उन्होंने बताया कि सेंसर बोर्ड को फिल्म की दी हुई कॉपी लीक हो गई थी, जिससे विवाद हो गया था।
बोर्ड की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाना निराधार
इस संबंध में फिल्म के निर्देशक ने मुंबई साइबर क्राइम में एफआईआर भी दर्ज करवाई है। उन्होंने बताया कि फिल्म के दो वर्जन लीक हुए हैं। जिसमें पहला वर्जन फुल लेंथ यानी 2 घंटे 20 मिनट का है, जबकि दूसरा वर्जन 40 मिनट का बताया जा रहा है। जिसमें वे सारे कांट्रोवर्शियल फुटेज हैं, जिन्हें सेंसर बोर्ड फिल्म से हटाना चाहता था।
उन्होंने कहा कि सेंसर बोर्ड फिल्मों व अन्य दृश्य सामग्री की कड़ी समीक्षा करने के बाद ही उन्हें प्रमाणित करता है, इसलिए सेंसर बोर्ड की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाना बिलकुल निराधार व गलत है। गौर हो कि कृष्ण लाल धीमान विकास खंड स्वारघाट के तहत ग्राम पंचायत स्वाहण के गांव धरा से संबंध रखते हैं। जिन्हें पिछले वर्ष मोदी सरकार ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड का सदस्य नियुक्त किया है।Published by Arvind Thakur