AIIMS Bilaspur: हिमाचल एम्स के लिए नवजात गहन चिकित्सा इकाई मंजूर, दो हफ्तों में शुरू होगी ऑपरेशन थियेटर सुविधा
एम्स प्रबंधन ने बिलासपुर में नवजात गहन चिकित्सा इकाई शुरू करने के लिए केंद्र को प्रस्ताव भेजा था, जिसे मंजूरी मिली है। इस इकाई को स्थापित करने के लिए अलग से बजट मिलेगा। अभी तक प्रदेश में मेडिकल कॉलेज टांडा, शिमला और नेरचौक में इसकी सुविधा है।
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अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) बिलासपुर को केंद्र सरकार ने नवजात गहन चिकित्सा इकाई (निकू) शुरू करने के लिए मंजूरी दे दी है। एक सप्ताह में इसकी बजट संबंधी प्रक्रिया पूरी होगी और इसके लिए एम्स परिसर में ही जगह चिह्नित की जाएगी। अगले दो हफ्तों में एम्स के गायनी विभाग में ऑपरेशन थियेटर की सुविधा भी शुरू हो जाएगी। इसके लिए औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। एम्स प्रबंधन ने बिलासपुर में नवजात गहन चिकित्सा इकाई शुरू करने के लिए केंद्र को प्रस्ताव भेजा था, जिसे मंजूरी मिली है। इस इकाई को स्थापित करने के लिए अलग से बजट मिलेगा।
अभी तक प्रदेश में मेडिकल कॉलेज टांडा, शिमला और नेरचौक में इसकी सुविधा है। बच्चों के स्वास्थ्य को देखते हुए इस इकाई में ऐसे कई अत्याधुनिक उपकरण होते हैं, जिनकी मदद से बच्चे का इलाज किया जाता है। इनमें शिशु वार्मर, इन्क्यूबेटर्स, फोटोथेरेपी, मॉनिटर, फीडिंग ट्यूब, आईवीएस, रेखाएं वेंटिलेटर मुख्य हैं। अस्पताल में बीमार या समय से पहले जन्मे बच्चे की देखभाल के लिए यह इकाई होती है। इसके अलावा एम्स में आगामी 15 दिन में गायनी विभाग में ऑपरेशन थियेटर की सुविधा भी शुरू हो जाएगी। अभी तक यहां सिर्फ आपातकाल में ही इसकी सुविधा मिलती थी। यहां यह सुविधा मिलने से ऐसे मरीज पीजीआई या आईजीएमसी नहीं भेजे जाएंगे।
18 साल तक के बच्चों के लिए भी जल्द मिलेगी आईसीयू की सुविधा
एम्स में 18 साल तक के बच्चों के लिए भी आईसीयू की सुविधा जल्द शुरू होगी। इसके लिए उपकरणों की खरीद प्रक्रिया जारी है। फिलहाल इसके लिए दो से तीन माह का इंतजार करना पड़ेगा।
एम्स में नवजात गहन चिकित्सा इकाई के लिए केंद्र सरकार से मंजूरी मिल गई है। आगामी एक सप्ताह में बजट संबंधी प्रक्रिया पूरी होगी। गायनी विभाग में आगामी 15 दिन में ओटी की सुविधा शुरू होगी।
डॉ. दिनेश वर्मा, एमएस, एम्स, बिलासपुर