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सत्ता संग्राम 2024: हिमाचल की सियासत से हमेशा दूर रहे हैं सेलिब्रिटी, स्थानीय नेताओं पर ही भरोसा जताया

Thu, 21 Mar 2024 11:13 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Thu, 21 Mar 2024 11:13 AM IST
सार

 लोकसभा के सियासी संग्राम से सेलिब्रिटी हमेशा दूर रहे हैं। आज तक किसी भी राजनीतिक दल ने इनको चुनाव मैदान में उतारने का जोखिम नहीं उठाया है। 

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Celebrities have always stayed away from Himachal politics, no political party has taken the risk of contestin
कंगना रणौत,अनुपम खेर - फोटो : संवाद

विस्तार

हिमाचल में लोकसभा के सियासी संग्राम से सेलिब्रिटी हमेशा दूर रहे हैं। आज तक किसी भी राजनीतिक दल ने इनको चुनाव मैदान में उतारने का जोखिम नहीं उठाया है। बाहरी चर्चित चेहरे भाजपा-कांग्रेस ही नहीं किसी अन्य दल और उसके संगठन को भी रास नहीं आए हैं। यहां तक की जनता ने भी स्थानीय नेताओं पर ही भरोसा जताया है। पैराशूटी नेताओं ने हिमाचल की राजनीति में हाथ आजमाने से परहेज ही किया है। हिमाचल में लोकसभा चुनाव ही नहीं, राज्यसभा और विधानसभा चुनाव में भी बाहरी चर्चित चेहरों पर दांव लगाने से परहेज ही किया या फिर कामयाब नहीं रहे। इस बार राज्यसभा चुनाव में भी कांग्रेस के अभिषेक मनु सिंघवी को प्रत्याशी बनाने को ही बागी विधायकों ने बगावत की मुख्य वजह बताई। इस बार के चुनाव में स्थानीय नेताओं के नाम ही चर्चा में है। भाजपा ने तो मौजूदा सांसदों हमीरपुर से अनुराग ठाकुर, शिमला से सुरेश कश्यप को टिकट दे दिया है। अन्य दो सीटों के पैनल में भी स्थानीय नेता के नाम ही हैं। कांग्रेस भी प्रदेश के भरोसेमंद नेताओं पर ही दांव लगाने जा रही है। उनकी सूची में भी न तो कोई सेलिब्रिटी है न ही बाहरी। 

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कंगना और अनुपम खेर का हर बार चर्चा में रहता है नाम
लोकसभा चुनाव हो या अन्य चुनाव प्रदेश के दो सितारों कंगना रणौत और अनुपम खेर का नाम हर बार उछलकर चर्चा में आता है। मंडी में हुए लोकसभा उपचुनाव में भी कंगना का नाम सामने आया था लेकिन पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया। कंगना ने भी कभी भाजपा से टिकट की मांग नहीं की। अनुपम खेर का पुश्तैनी घर शिमला में है। ऐसे में भाजपा से सांसद रहीं पत्नी किरण खेर और पीएम मोदी से नजदीकियों के चलते उनका नाम भी चुनावों में बाहर आता है। हालांकि, खुले मंच से अनुपम ने कभी चुनाव लड़ने को लेकर कुछ नहीं कहा।

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2009 में कांग्रेस ने क्रिकेटर मदन लाल को दिया था टिकट, विरोध पर लिया वापस
वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस हाईकमान ने एक बार प्रयोग जरूर किया और हमीरपुर संसदीय सीट से क्रिकेटर और स्थानीय निवासी मदनलाल को टिकट दिया। टिकट मिलने के बाद जैसे ही हिमाचल पहुंचे तो उन्होंने रोड शो किया। इसमें संगठन के लोगों ने उनका विरोध जताना शुरू कर दिया। इसके तुरंत बाद उन्होंने दिल्ली जाकर चुनाव न लड़ने का एलान कर दिया था। इसके बाद हमीरपुर सीट से नरेंद्र ठाकुर को टिकट दिया था। उस दौरान उन्होंने कांग्रेस के अन्य प्रत्याशियों के बजाय अनुराग ठाकुर को कड़ी टक्कर दी थी।

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