फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Celebration on the 89th birthday of the 14th Tibetan spiritual leader Dalai Lama

Himachal: धूमधाम से मनाया 14वें तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा का जन्मदिन, काटा केक

Sat, 06 Jul 2024 07:17 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला/मैक्लोडगंज/धर्मशाला
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला/मैक्लोडगंज/धर्मशाला Published by: Krishan Singh Updated Sat, 06 Jul 2024 07:17 PM IST
सार

शिमला के संभोटा तिब्बती स्कूल छोटा शिमला और दोरजे डक मठ पंथाघाटी में 14वें तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा के 89वें जन्मदिन मनाया गया।

विज्ञापन
Celebration on the 89th birthday of the 14th Tibetan spiritual leader Dalai Lama
14वें तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा - फोटो : संवाद

विस्तार

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के संभोटा तिब्बती स्कूल छोटा शिमला और दोरजे डक मठ पंथाघाटी में 14वें तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा के 89वें जन्मदिन मनाया गया।  छोटा शिमला स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार चंद शर्मा, उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप और एडीएम ज्योति राणा ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। उन्होंने दलाई लामा की प्रतिमा के आगे मोमबत्ती जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके बाद मुख्य अतिथि और तिब्बती समुदाय के अनुयायियों ने दलाई लामा के 89वें जन्मदिन का केक काटा। समुदाय के लोगों ने तिब्बती गीत पेश किए। जन्मोत्सव पर महिलाओं, बच्चों ने प्रस्तुतियां दीं। दोरजे डक मठ पंथाघाटी में भी केक काटकर दलाई लामा का जन्मोत्सव मनाया गया। इस दौरान तब्बती बौद्ध भिक्षुओं ने दलाईलामा की प्रतिमा के आगे मोमबत्ती जलाई और केक काटा। 

विज्ञापन

 

 उल्लेखनीय है कि 14वें दलाई लामा तेंजिन ग्यत्सो का जन्म छह जुलाई, 1935 को उत्तर-पूर्वी तिब्बत के ताकस्तेर में हुआ था। दलाई लामा छह दशक से भारत के अतिथि हैं। धर्मगुरु दलाई लामा का जन्मदिन तिब्बती समुदाय के सबसे भव्य आयोजनों में से एक होता है। धर्मगुरु के जन्मदिन समारोह में देश-विदेश से बौद्ध अनुयायी व बौद्ध भिक्षु मैक्लोडगंज पहुंचते हैं। निर्वासित तिब्बतियों की ओस से मनाए जाने वाले कार्यक्रमों में धर्मगुरु का जन्मदिन अहम स्थान रखता है। धर्मगुरु के जन्मदिन को निर्वासित तिब्बती पर्व की तरह मनाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

 

मैक्लोडगंज स्थित बौद्ध मठ में  सिक्किम के मुख्यमंत्री रहे मौजूद
तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा का 89वां जन्मदिवस मैक्लोडगंज में धूमधाम से मनाया गया। सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि शरीक हुए। कनाडा के ओंटारियो राज्य संसद के उपाध्यक्ष भुटिला कारपोछे ने भी विशिष्ट अतिथि के तौर पर शिरकत की। निर्वासित तिब्बत सरकार के प्रधानमंत्री पेम्पा सेरिंग ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। मुख्य तिब्बती बौद्ध मंदिर में लोगों ने केक काटा और दलाई लामा की दीर्घायु के लिए प्रार्थना की। निर्वासित तिब्बती सरकार के प्रधानमंत्री ने कहा कि धर्मगुरु के जन्मदिवस को मनाने के लिए आधिकारिक समारोह का आयोजन किया जाता है। हालांकि, धर्मगुरु घुटने के इलाज के लिए अमेरिका में हैं। 14वें दलाई लामा का जन्म 6 जुलाई 1935 को हुआ था।

तवांग भारत का अभिन्न हिस्सा है और रहेगा : तापिर गाओ
अरुणाचल से लोकसभा सदस्य तापिर गाओ ने कहा कि अरुणाचल का तवांग भारत का हिस्सा है और रहेगा। पड़ोसी राज्य चीन व्यर्थ में ही सीमा विवाद को बढ़ावा दे रहा है। शनिवार को कांगड़ा जिले के मैक्लोडगंज में उन्होंने यह बात कही। गाओ यहां तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा के 89वें जन्मदिवस कार्यक्रम में पहुंचे थे। इस मौके पर निर्वासित तिब्बती सरकार के प्रधानमंत्री ने भी चीन पर निशाना साधा। कहा, चीन लगातार तिब्बत में नरसंहार नीतियां लागू कर रहा है। इसकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार आलोचना की गई है। बोले, चीन के खिलाफ संघर्ष में तिब्बती अकेले नहीं हैं। उन्होंने कहा, 18 जून को अमेरिकी सदन की विदेश मामलों की समिति के अध्यक्ष माइकल मैककाॅल के नेतृत्व में अमेरिका से एक उच्च स्तरीय कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल धर्मशाला पहुंचा था। प्रतिनिधिमंडल ने धर्मगुरु को रिजॉल्व तिब्बत एक्ट बिल की एक प्रति भेंट की है। प्रति संयुक्त राज्य कांग्रेस की ओर से निचले सदन में पारित प्रस्ताव की प्रति है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed