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Himachal: पुलिस कांस्टेबल भर्ती पेपर लीक मामले में छह माह बाद सीबीआई ने दर्ज कीं दो एफआईआर

Sat, 03 Dec 2022 11:17 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Sat, 03 Dec 2022 11:17 PM IST
सार

 केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद ये दोनों एफआईआर चंडीगढ़ ब्रांच में पंजीकृत की हैं। पुलिस और सीआईडी की दो एफआईआर को आधार बनाकर सीबीआई ने प्राथमिकियां दर्ज की हैं। 

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CBI registers FIR in himachal police constable recruitment paper leak case
पुलिस कांस्टेबल भर्ती पेपर लीक मामला(सांकेतिक ) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश के बहुचर्चित पुलिस भर्ती पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने छह माह बाद दो एफआईआर दर्ज की हैं। केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद ये दोनों एफआईआर चंडीगढ़ ब्रांच में पंजीकृत की हैं। 

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पुलिस और सीआईडी की दो एफआईआर को आधार बनाकर सीबीआई ने प्राथमिकियां दर्ज की हैं। प्रारंभिक तौर पर दोनों प्राथमिकी में सीबीआई ने पांच आरोपियों को नामजद किया है। इनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 और 120बी के तहत मामला दर्ज किया गया है। पहली प्राथमिकी में कांगड़ा के नूरपुर के गांव देव भराड़ी के निवासी मुनीष कुमार, फतेहपुर के गांव खटियाड़ के मनी चौधरी और इसी जिले के भडियाड़ा के गौरव को नामजद किया है। दूसरी प्राथमिकी में  मुनीष कुमार के अलावा नूरपुर के रिहान के निवासी सुनील कुमार को नामजद किया है।
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सीबीआई ने फिलहाल उन्हें ही आरोपी बनाया है, जिन्हें पुलिस और सीआईडी ने एफआईआर में नामजद किया था। यह मामला शिमला स्थित सीबीआई शाखा के बजाय चंडीगढ़ में इसलिए दर्ज किया है, क्योंकि वहां पर क्राइम ब्रांच है। संबंधित जांच अधिकारी गहन पड़ताल कर पाएंगे। इस मामले में पुलिस की एसआईटी ने अभी तक भर्ती से जुड़े किसी भी अफसर को आरोपी नहीं पाया है। कांगड़ा के पुलिस थाना गगल में पांच मई 2022 को दर्ज हुई एफआईआर को आधार बनाकर दर्ज प्राथमिकी की जांच डीएसपी दिनेश कुमार को सौंपी गई है। सीआईडी थाना शिमला में सात मई 2022 को दर्ज मामले को आधार बनाकर दर्ज एफआईआर की तफ्तीश डीएसपी रविंद्र कुश को सौंपी गई है। हिमाचल में सबसे पहले कांगड़ा पुलिस ने मामला दर्ज किया था। इस मामले की छानबीन कर रहे जांच अधिकारी अजय सिंह की लिखित शिकायत पर मुनीष, मनी चौधरी और गौरव के खिलाफ केस दर्ज किया था। सीआईडी ने एफआईआर में एक आरोपी सुनील कुमार को ही नामजद किया था।   
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कांगड़ा, शिमला और मंडी में 181 के खिलाफ तीन चार्जशीट हो चुकीं दायर
27 मार्च को 1334 पदों के लिए परीक्षा हुई थी। छह मई को यह परीक्षा विवादों के बाद रद्द हो गई। पुलिस और सीआईडी ने मामले दर्ज किए तो 31 मई को पांच आरोपियों की पहली बार गिरफ्तारियां हुईं। अब तक 181 लोगों के खिलाफ कांगड़ा, शिमला और मंडी में तीन चार्जशीट दायर की जा चुकी हैं। पुलिस भर्ती के तार राजस्थान, बिहार, उत्तर प्रदेश आदि तक जुडे़ हैं। नेपाल सीमा से भी एक आरोपी को पकड़कर लाया गया। हिमाचल में तो सभी जिलों में इसके तार जुडे़ रहे। 

मुख्यमंत्री ने 17 मई को सीबीआई को मामला देने का किया था एलान
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने 17 मई को इस मामले की सीबीआई से जांच करवाने का एलान किया था। इसके बाद मुख्य सचिव ने केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय से सीबीआई जांच का अनुरोध किया था। मंत्रालय ने अनुमति एक नवंबर को दी। मंत्रालय ने प्रदेश के मुख्य सचिव और सीबीआई निदेशक को भी सूचित कर दिया था। अब सीबीआई ने इस संबंध में दो एफआईआर दर्ज कर दी हैं।

 मंडी पुलिस से भी रिकॉर्ड कब्जे में लेगी सीबीआई

पुलिस भर्ती पेपर लीक मामले में सीबीआई मंडी पुलिस से भी रिकॉर्ड कब्जे में लेगी।  अदालत में दायर चार्जशीट में पुलिस ने मंडी के आठ एजेंट और 19 अभ्यर्थियों समेत 27 को आरोपी बनाया है। मंडी पुलिस अपने स्तर पर भी मामले की जांच कर रही है। अब मामला सीबीआई में दर्ज हो गया है, ऐसे में मामले से जुड़ी कड़ियों को जांच के लिए नए सिरे से खंगाला जाएगा। पेपर लीक मामले की जड़ें मंडी से जुड़ी हैं। यह मामला सामने आने के बाद जिला मंडी में 70 से अधिक अंक लेने वाले करीब 50 परीक्षार्थियों से पूछताछ की गई। इस दौरान पुलिस के हाथ अहम सुराग लगे।

इन सुरागों के पुष्ट होने के बाद ही पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाया और कई आरोपों जद में आए। संयुक्त प्री मेडिकल टेस्ट (सीपीएमटी) घोटाले के आरोपी मनोज ठाकुर का नाम भी सामने आया। इससे पूछताछ के बाद नेपाल बार्डर के समीप मोतीहारी से एजेंट चंद्रगुप्त और बिहार के पटना से अमन को गिरफ्तार किया है। नेपाल के चंद्रगुप्त ने मंडी पेपर पहुंचाए थे। इन्हें मंडी के मनोज ने अभ्यर्थियों को बांटा और उनसे पैसों की उगाही की। इसके बाद इन वसूले पैसों को पटना का अमन लेकर गया था। एसपी मंडी शालिनी अग्निहोत्री ने कहा कि नियमानुसार कार्य किया जाएगा।

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