छात्रवृत्ति घोटाले में हिमाचल सरकार को सीबीआई का नोटिस
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केस दर्ज करने के बजाय 250 करोड़ रुपये के बहुचर्चित अनुसूचित जाति छात्रवृत्ति घोटाले में हिमाचल सरकार को सीबीआई ने नोटिस जारी किया है। हिमाचल सरकार ने इस मामले में दर्ज एफआईआर की डिटेल सीबीआई को नहीं भेजी थी।
इसके चलते केंद्रीय जांच एजेंसी करोड़ों के इस घोटाले की जांच ही शुरू नहीं कर पाई है। अब सीबीआई ने सरकार को नोटिस जारी कर इस केस का ब्योरा तलब किया है। यह घोटाला जमा एक और जमा दो कक्षाओं के अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति में हुआ है।
सीबीआई को इस केस के आवश्यक दस्तावेज नहीं भेजने की चूक राज्य सरकार के गृह विभाग के अधिकारियों के स्तर पर हुई है। इस बारे में केंद्रीय कार्मिक विभाग और सीबीआई का हिमाचल सरकार को हाल ही में एक नोटिस मिला है।
इसमें राज्य सरकार की ओर से पुलिस में दर्ज की गई एफआईआर का पूरा विवरण जल्दी भेजने को कहा गया है। मुख्य सचिव बीके अग्रवाल ने माना कि सीबीआई ने एफआईआर से संबंधित जो ब्योरा मांगा है, उसे भेजा जा रहा है।
पत्राचार में ही निकल गए छह महीने
इसके बाद सीबीआई इस मामले में कभी भी जांच शुरू कर सकती है। इस घोटाले की जांच के जाल में कई बड़ी मछलियां भी फंसेंगी, जिनका अच्छा राजनीतिक रसूख है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शीर्ष अधिकारियों के साथ 21 अगस्त, 2018 को की बैठक में यह मामला जांच के लिए सीबीआई को भेजने का फैसला लिया।
तबसे लेकर अब तक इस बारे में केंद्रीय कार्मिक विभाग और सीबीआई से हिमाचल सरकार का कई बार पत्राचार हुआ। हिमाचल सरकार ने कई बार इस बारे में रिमाइंडर भी भेेजे। छह महीने से अधिक समय बीत जाने पर भी पत्राचार का दौर खत्म नहीं हुआ है।