कोर्ट से वीरभद्र को एफआईआर देखने की अनुमति
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आय से अधिक संपत्ति के मामले में दिल्ली की अदालत ने हिमाचल के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को सीबीआई की ओर से उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर निरीक्षण करने की अनुमति दे दी है। साथ ही अदालत ने एफआईआर की प्रति प्रदान करने के मुद्दे पर सीबीआई से जवाब मांगा है।
पटियाला हाउस स्थित सीबीआई के विशेष न्यायाधीश एससी राजन के समक्ष मुख्यमंत्री ने सीबीआई से एफआईआर की कॉपी व अन्य दस्तावेज दिलवाने के लिए आवेदन दायर किया। मुख्यमंत्री के अधिवक्ता विजय अग्रवाल ने कहा कि क्योंकि उन्हें मामले के संबंध में सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दाखिल करनी है, ऐसे में उन्हें तुरंत एफआईआर की कॉपी दिलवाई जाए।
30 सितंबर को होगी अगली सुनवाई
वहीं, सीबीआई के अधिवक्ता ने सुनवाई टालने का आग्रह करते हुए कहा कि मामले के जांच अधिकारी किसी अन्य मामले में व्यस्त हैं। ऐसे में सुनवाई के लिए अगली तारीख तय की जाए। वीरभद्र के अधिवक्ता ने आपत्ति जताते हुए कहा कि उनको आज ही दस्तावेजों के निरीक्षण की अनुमति दी जाए। इस पर अदालत ने दस्तावेजों के निरीक्षण की अनुमति दे दी। अदालत ने सुनवाई 30 सितंबर तय करते हुए जांच अधिकारी को स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि क्यों न याची को एफआईआर की प्रति प्रदान कर दी जाए।
गौरतलब है कि सीबीआई ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह व एलआईसी एजेंट आनंद चौहान व चुन्नी लाल चौहान के खिलाफ भ्रष्टाचार की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। मुख्यमंत्री पर वर्ष 2009 से 2011 यूपीए के कार्यकाल में केंद्रीय इस्पात मंत्री रहते हुए 6.1 करोड़ रुपये आय से अधिक अर्जित करने का आरोप है।