HP Politics: भाजपा के सियासी नेटवर्क से कैप्टन रंजीत राणा गायब, जानें पूरा मामला
उपचुनाव में पूर्व विधायक राजेंद्र राणा को भाजपा से टिकट फाइनल होने के बाद से ही कैप्टन रंजीत राणा नाराज चल रहे हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बीते विधानसभा चुनावों में सुजानपुर से भाजपा प्रत्याशी रहे कैप्टन रंजीत राणा पार्टी के सियासी नेटवर्क से गायब हो गए हैं। उपचुनाव में पूर्व विधायक राजेंद्र राणा को भाजपा से टिकट फाइनल होने के बाद से ही कैप्टन रंजीत राणा नाराज चल रहे हैं। भाजपा पदाधिकारियों की तरफ से उन्हें संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है लेकिन वह किसी भी पदाधिकारी का फोन नहीं उठा रहे हैं। यहां तक कि प्रत्याशी राजेंद्र राणा की तरफ से भी उन्हें फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया था लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया है। जिले में कांग्रेस नेताओं को भाजपा से टिकट दिए जाने के भाजपा हाईकमान के निर्णय पर पदाधिकारी तो पार्टी लाइन में रह कर प्रत्याशियों के अंग संग नजर आ रहे हैं लेकिन सुजानपुर में कैप्टन रंजीत हमीरपुर के अस्तित्व को बचाने का नारा देकर चुनावी रण में उतर गए हैं।
साल 2022 में पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के चुनाव लड़ने से इनकार के बाद कैप्टन रंजीत राणा को भाजपा ने टिकट थमाया था। इस चुनाव को वह महज 399 मतों से कांग्रेस प्रत्याशी राजेंद्र राणा से हार गए थे। राजेंद्र राणा टिकट मिलने के बाद पार्टी के पदाधिकारियों के साथ मिलकर वह सेक्टर स्तर की बैठकों में जुट गए हैं लेकिन अभी तक पूर्व प्रत्याशी रंजीत राणा को साधने के प्रयास सिरे नहीं चढ़े हैं। कैप्टन रंजीत चुनाव लड़ने का एलान कर जनसंपर्क में जुटे हुए हैं। भाजपा जिला अध्यक्ष देशराज शर्मा का कहना है कि कैप्टन रंजीत से संपर्क करने का प्रयास किया गया है। अभी तक उनसे संपर्क नहीं हो पाया है। सभी कार्यकर्ता एकजुट होकर चुनाव लड़ेंगे।
भाजपा के बागी संजीव से मिले लखनपाल
गत विस चुनावों में बड़सर में भाजपा से बागी होकर चुनाव लड़ने वाले संजीव शर्मा से भाजपा प्रत्याशी इंद्रदत्त लखनपाल ने मंगलवार को बिझड़ में दुकान में पहुंचकर मुलाकात की। लखनपाल ने संजीव शर्मा से चुनावों के लिए समर्थन मांगा है। हालांकि संजीव शर्मा की तरफ से समर्थन को लेकर समर्थकों से चर्चा के बाद निर्णय लेने की बात कही गई है। ऐसे में यहां पर भाजपा के बागी संजीव शर्मा को साधने के प्रयास सिरे नहीं चढ़े हैं। संजीव शर्मा की भाजपा में अभी तक वापसी नहीं हुई है। भाजपा के बागी संजीव शर्मा का कहना है कि वह समर्थकों से चर्चा के बाद ही बड़सर से भाजपा प्रत्याशी को समर्थन के विषय में निर्णय ले सकते हैं। लोगों के समर्थन से पिछली दफा चुनाव लड़ा गया है। इस बार भी समर्थकों का जो निर्णय होगा, उसके अनुसार की कार्य होगा।
पार्टी के पदाधिकारियों के साथ मिलकर सभी को एक साथ लेकर चलने का प्रयास किया जा रहा है। रुठों को भी जल्द ही मना लिया जाएगा।- राजेंद्र राणा, सुजानपुर से भाजपा प्रत्याशी
एक फौजी के नाते वह हमीरपुर की लड़ाई लड़ने के लिए उतरे हैं। यदि किसी अन्य दल से टिकट का ऑफर मिलता है तो समर्थकों से चर्चा की जाएगी। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए ऑफर मिलने पर इसे स्वीकार करने से कोई गुरेज नहीं होगा। - कैप्टन रंजीत राणा, पूर्व प्रत्याशी, सुजानपुर