{"_id":"6ac0ef1bbad4fb99bb00c429","slug":"cancellation-of-trains-puts-pilgrims-from-bengal-in-trouble-will-make-it-difficult-to-reach-shimla-shimla-news-c-19-sml1002-797229-2026-10-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shimla News: ट्रेनें रद्द होने से मुश्किल में बंगाल के श्रद्धालु, शिमला पहुंचने में होगी दिक्कत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shimla News: ट्रेनें रद्द होने से मुश्किल में बंगाल के श्रद्धालु, शिमला पहुंचने में होगी दिक्कत
विज्ञापन
हर साल शारदीय नवरात्र में दुर्गा पूजा के लिए कालीबाड़ी मंदिर में आते हैं बंगाल से हजारों लोग
कालका से धर्मपुर तक अभी नहीं चल रही ट्रेनें
धर्मपुर से एक ट्रेन शिमला तक चला रहा विभाग
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। शारदीय नवरात्रों में शिमला आने वाले बंगाल के सैलानियों और श्रद्धालुओं के लिए इस बार कालका-शिमला रेल यात्रा का पूरा आनंद नहीं मिल पाएगा।
बरसात के दौरान टकसाल के पास रेलवे का पुल क्षतिग्रस्त होने से कालका से शिमला के बीच रेल सेवा प्रभावित है। इसके चलते 30 नवंबर तक कालका-शिमला के बीच चलने वाली सभी छह ट्रेनों को रद्द कर दिया है। इसके अलावा कालका से धर्मपुर तक कोई ट्रेन आजकल नहीं चल रही है। ऐसे में बंगाल से आने के बाद श्रद्धालुओं को कालका पहुंचने पर बसों या टैक्सियों से ही शिमला या फिर धर्मपुर तक आना पड़ेगा। धर्मपुर से शिमला के लिए एक ट्रेन चलती है जो पैक होकर आ रही है।
हालांकि रेलवे की ओर से ट्रैक का मरम्मत और बहाली का काम किया जा रहा है लेकिन इसमें अभी समय लगेगा। हर वर्ष शारदीय नवरात्र के दौरान बंगाल से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक रेल मार्ग से शिमला पहुंचते हैं। शिमला के कालीबाड़ी मंदिर में होने वाली विशेष पूजा और दुर्गा मां की प्रतिमा स्थापना के कार्यक्रम में बंगाली समुदाय की खास भागीदारी रहती है। इस दौरान सैकड़ों श्रद्धालु कालका-शिमला रेलवे की ऐतिहासिक यात्रा का आनंद लेते हुए शिमला पहुंचते हैं लेकिन इस बार रेल ट्रैक के क्षतिग्रस्त होने से श्रद्धालुओं का सफर थोड़ा कठिन होने वाला है।
विज्ञापन
नवरात्र 11 अक्तूबर से शुरू हो रहे हैं। पर्यटन सीजन के चलते धर्मपुर से शिमला के बीच चल रही एकमात्र ट्रेन में पहले से ही यात्रियों की भीड़ है। ऐसे में नवरात्रों के दौरान बंगाल और अन्य राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने पर इस ट्रेन पर दबाव और बढ़ने की संभावना है। यात्रियों को धर्मपुर तक टैक्सी से पहुंचने के बाद शिमला के लिए केवल एक ट्रेन की सुविधा है, जो इन दिनों रोजाना शिमला के लिए पैक होकर पहुंच रही है। ऐसे में यात्रियों को वैकल्पिक साधनों पर निर्भर रहना पड़ सकता है। सामान्य दिनों में कालका से शिमला तक छह ट्रेनों का संचालन होता था।
कालीबाड़ी मंदिर में आते हैं बंगाली श्रद्धालु
शिमला स्थित कालीबाड़ी मंदिर बंगाली समुदाय की आस्था का प्रमुख केंद्र है। शारदीय नवरात्रों के दौरान यहां विशेष पूजा-अर्चना के साथ दुर्गा मां की प्रतिमा स्थापित की जाती है। इस आयोजन में शामिल होने के लिए हर वर्ष बंगाल से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शिमला पहुंचते हैं। ऐतिहासिक कालका-शिमला रेल मार्ग इनके लिए यात्रा का अहम माध्यम भी रहा है। इस बार ट्रेन सेवा बाधित होने से श्रद्धालुओं को अतिरिक्त यात्रा व्यवस्था करनी होगी।
विज्ञापन
कालका से धर्मपुर तक अभी नहीं चल रही ट्रेनें
धर्मपुर से एक ट्रेन शिमला तक चला रहा विभाग
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। शारदीय नवरात्रों में शिमला आने वाले बंगाल के सैलानियों और श्रद्धालुओं के लिए इस बार कालका-शिमला रेल यात्रा का पूरा आनंद नहीं मिल पाएगा।
बरसात के दौरान टकसाल के पास रेलवे का पुल क्षतिग्रस्त होने से कालका से शिमला के बीच रेल सेवा प्रभावित है। इसके चलते 30 नवंबर तक कालका-शिमला के बीच चलने वाली सभी छह ट्रेनों को रद्द कर दिया है। इसके अलावा कालका से धर्मपुर तक कोई ट्रेन आजकल नहीं चल रही है। ऐसे में बंगाल से आने के बाद श्रद्धालुओं को कालका पहुंचने पर बसों या टैक्सियों से ही शिमला या फिर धर्मपुर तक आना पड़ेगा। धर्मपुर से शिमला के लिए एक ट्रेन चलती है जो पैक होकर आ रही है।
विज्ञापन
हालांकि रेलवे की ओर से ट्रैक का मरम्मत और बहाली का काम किया जा रहा है लेकिन इसमें अभी समय लगेगा। हर वर्ष शारदीय नवरात्र के दौरान बंगाल से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक रेल मार्ग से शिमला पहुंचते हैं। शिमला के कालीबाड़ी मंदिर में होने वाली विशेष पूजा और दुर्गा मां की प्रतिमा स्थापना के कार्यक्रम में बंगाली समुदाय की खास भागीदारी रहती है। इस दौरान सैकड़ों श्रद्धालु कालका-शिमला रेलवे की ऐतिहासिक यात्रा का आनंद लेते हुए शिमला पहुंचते हैं लेकिन इस बार रेल ट्रैक के क्षतिग्रस्त होने से श्रद्धालुओं का सफर थोड़ा कठिन होने वाला है।
विज्ञापन
नवरात्र 11 अक्तूबर से शुरू हो रहे हैं। पर्यटन सीजन के चलते धर्मपुर से शिमला के बीच चल रही एकमात्र ट्रेन में पहले से ही यात्रियों की भीड़ है। ऐसे में नवरात्रों के दौरान बंगाल और अन्य राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने पर इस ट्रेन पर दबाव और बढ़ने की संभावना है। यात्रियों को धर्मपुर तक टैक्सी से पहुंचने के बाद शिमला के लिए केवल एक ट्रेन की सुविधा है, जो इन दिनों रोजाना शिमला के लिए पैक होकर पहुंच रही है। ऐसे में यात्रियों को वैकल्पिक साधनों पर निर्भर रहना पड़ सकता है। सामान्य दिनों में कालका से शिमला तक छह ट्रेनों का संचालन होता था।
कालीबाड़ी मंदिर में आते हैं बंगाली श्रद्धालु
शिमला स्थित कालीबाड़ी मंदिर बंगाली समुदाय की आस्था का प्रमुख केंद्र है। शारदीय नवरात्रों के दौरान यहां विशेष पूजा-अर्चना के साथ दुर्गा मां की प्रतिमा स्थापित की जाती है। इस आयोजन में शामिल होने के लिए हर वर्ष बंगाल से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शिमला पहुंचते हैं। ऐतिहासिक कालका-शिमला रेल मार्ग इनके लिए यात्रा का अहम माध्यम भी रहा है। इस बार ट्रेन सेवा बाधित होने से श्रद्धालुओं को अतिरिक्त यात्रा व्यवस्था करनी होगी।