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हिमाचल: दिल्ली को 23 क्यूमैक्स पानी देने वाली रेणुका बांध परियोजना को केंद्र की हरी झंडी
Thu, 16 Dec 2021 06:27 PM IST
अरविन्द ठाकुर
संवाद न्यूज एजेंसी, संगड़ाह/ददाहू (सिरमौर)
संवाद न्यूज एजेंसी, संगड़ाह/ददाहू (सिरमौर)
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Thu, 16 Dec 2021 06:27 PM IST
सार
परियोजना लगभग चार दशक से लंबित पड़ी थी। इस परियोजना पर शुरुआती दौर में 2676 करोड़ रुपये की लागत आंकी की गई थी। जबकि, मौजूदा समय में यह राशि बढ़कर 6946 करोड़ हो गई है।
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रेणुका बांध परियोजना (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राष्ट्रीय महत्व की बहुआयामी रेणुका बांध परियोजना के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) से इस परियोजना के निर्माण को हरी झंडी मिल गई है। कैबिनेट कमेटी ने बांध निर्माण की लागत को स्वीकृति प्रदान करते हुए हरी झंडी दे दी है। हिमाचल सरकार के चार साल पूरा होने पर 27 दिसंबर को मंडी में होने वाले कार्यक्रम के बाद पीएम मोदी इस परियोजना का ऑनलाइन शिलान्यास कर सकते हैं।
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बांध निर्माण से राजधानी दिल्ली को 23 क्यूमैक्स पीने के पानी की आपूर्ति के साथ ही हिमाचल प्रदेश के लिए 40 मेगावाट बिजली का उत्पादन भी सुनिश्चित हो सकेगा। परियोजना लगभग चार दशक से लंबित पड़ी थी। इस परियोजना पर शुरुआती दौर में 2676 करोड़ रुपये की लागत आंकी की गई थी। जबकि, मौजूदा समय में यह राशि बढ़कर 6946 करोड़ हो गई है।
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ददाहू के निकट 148 मीटर ऊंचे रोकफिल रेणुका बांध परियोजना के निर्माण की तमाम औपचारिकताओं को वर्ष 2019 में ही पूरा कर लिया गया था। अब केंद्र से बजट मिलने में निर्माण का रास्ता भी पूरी तरह से साफ हो गया है। रेणुका बांध परियोजना के महाप्रबंधक रूपलाल ने बताया कि सीसीईए से बांध निर्माण को स्वीकृति मिलने की सूचना मिली है। प्रबंधन शिलान्यास की तैयारियों में जुटा है।
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परियोजना से 32 गांव होंगे जलमग्न
बांध परियोजना के निर्माण से 25 पंचायतों के 32 गांव जलमग्न होंगे। इसमें 954 हेक्टेयर निजी भूमि, 691 हेक्टेयर वन भूमि, 105 हेक्टेयर सरकारी भूमि व 244 हेक्टेयर जमीन पानी में समा जाएगी। बांध क्षेत्र के 2462 परिवार इससे प्रभावित होंगे। जिसमें 1142 परिवार मुख्य परियोजना से प्रभावित होंगे। 1275 परिवार शामलात भूमि के मालिक और 45 परिवार ऐसे होंगे, जिनकी आजीविका प्रभावित होगी।