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उपचुनाव: 92 में से 50 मतदान केंद्र 13 हजार फीट की ऊंचाई पर
Mon, 25 Oct 2021 01:02 PM IST
Krishan Singh
अशोक राणा, संवाद न्यूज एजेंसी, केलांग (लाहौल-स्पीति)
अशोक राणा, संवाद न्यूज एजेंसी, केलांग (लाहौल-स्पीति)
Published by: Krishan Singh
Updated Mon, 25 Oct 2021 01:02 PM IST
सार
चुनाव आयोग ने शुक्रवार को लाहौल के तांदी हेलीपैड से 40 ईवीएम और वीवीपैट मशीनें हेलीकाप्टर से काजा पहुंचाई हैं। टशीगंग पोलिंग बूथ समुद्रतल से 15255 फीट की ऊंचाई पर है। जिले के 92 में से 50 पोलिंग बूथ भी 13 हजार फीट की ऊंचाई पर हैं।
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विश्व में सबसे ऊंचाई पर स्थित टशीगंग मतदान केंद्र।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिले में खराब मौसम के बीच लोकसभा उपचुनाव करवाना चुनाव आयोग के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकता है। लाहौल-स्पीति के 92 में से 50 मतदान केंद्र 13 हजार फीट की ऊंचाई पर हैं। विश्व में सबसे ऊंचा टशीगंग पोलिंग बूथ समुद्रतल से 15255 फीट की ऊंचाई पर है। मतदान से एक दिन पहले 29 अक्तूबर को फिर बर्फबारी की संभावना है। बर्फबारी की आशंका के चलते चुनाव आयोग तैयारियों को लेकर लगातार समीक्षा कर रहा है।
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17 और 18 अक्तूबर को लाहौल-स्पीति के करीब दो दर्जन पोलिंग बूथों में बर्फबारी हुई है। इस कारण दुनिया के सबसे ऊंचे पोलिंग बूथ टशीगंग समेत किब्बर, कौमिक, खुरिक, लोसर, हंसा, योचे, कोकसर, तेलिंग, रारिक, गेमुर और जिस्पा पोलिंग बूथ जाने वाले रास्ते बंद हो गए हैं। हालांकि, मौसम खुलने के बाद सड़कें बहाल कर दी गई हैं। बर्फबारी के बाद घाटी के ऊंचाई वाले रिहायशी इलाकों में न्यूनतम पारा शून्य से नीचे है।
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बर्फबारी और कड़ाके की ठंड मतदान प्रक्रिया में बाधा बन सकती है। घाटी के कुछ पोलिंग बूथों में अभी भी एक फीट बर्फ है। खराब मौसम और बर्फबारी से निपटने के लिए चुनाव आयोग से एक चॉपर को जनजातीय इलाकों के लिए स्टैंड बाई रखा है, ताकि बर्फबारी की सूरत में ईवीएम के साथ ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों को हेलीकाप्टर से पोलिंग बूथों तक पहुंचाया जा सके। जिले में करीब 40 फीसदी मतदान केंद्रों तक पहुंचने में मतदाताओं को एक से चार किमी तक पैदल चलना होगा। बर्फबारी होने पर पोलिंग बूथों तक पहुंचना आसान नहीं होगा। चुनाव आयोग ने शुक्रवार को लाहौल के तांदी हेलीपैड से 40 ईवीएम और वीवीपैट मशीनें हेलीकाप्टर से काजा पहुंचाई हैं।
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चुनौती से निपटने के लिए तैयार : डीसी
केलांग। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीसी लाहौल-स्पीति नीरज कुमार ने कहा कि बर्फबारी की आशंका से चुनाव आयोग भी परेशान है। इससे निपटने के लिए आयोग ने पूरी तैयारी की है। आपदा से निपटने के लिए एक चॉपर स्टैंड बाई रखा है। प्रोजेक्ट दीपक के मुख्य अभियंता से सड़कों को बहाल रखने के लिए बात हुई है। लोनिवि से भी तैयार रहने को कहा है।