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Shimla News: एमसी से ट्रेड लाइसेंस लेने की शर्त पर कारोबारी भड़के
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व्यापार मंडल को दो टूक, शर्त मान्य नहीं
कारोबारियों ने दी आंदोलन छेड़ने की धमकी
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी शिमला में नगर निगम से ट्रेड लाइसेंस लेने की शर्त लागू करने पर शहर के कारोबारी भड़क गए हैं।
इनका कहना है कि नगर निगम की यह शर्त मान्य नहीं होगी। यदि एमसी सदन ने इसे मंजूरी दी तो कारोबारी आंदोलन के लिए सड़कों पर उतरेंगे। शिमला व्यापार मंडल ने जल्द ही इस मामले पर महापौर सुरेंद्र चौहान से मिलने की तैयारी कर ली है। कारोबारियों के अनुसार शहर के ढाबा संचालक, होटल मालिक खाद्य सुरक्षा विभाग से लाइसेंस ले रहे हैं। दूसरे दुकानदार जीएसटी नंबर लेकर कारोबार कर रहे हैं। इसके अलावा भी कारोबारी अपना कारोबार चलाने के लिए कई तरह की शर्तें पूरी कर रहे हैं। अब निगम ट्रेड लाइसेंस की शर्त लगा रहा है जो सही नहीं है।
शिमला व्यापार मंडल के अध्यक्ष संजीव ठाकुर ने कहा कि नगर निगम सिर्फ अपना खजाना भरने के लिए यह शर्त थोप रहा है। इसका विरोध किया जाएगा। जरूरत पड़ी तो कारोबारी आंदोलन भी करेंगे। कहा कि इस शर्त के एवज में कारोबारियों को क्या सुविधा मिलेगी, इसका निगम के पास कोई जवाब नहीं है। कहा कि नगर निगम को यह प्रस्ताव रद्द करना होगा। शहर में हजारों कारोबारी ऐसे हैं जिन पर इसका असर पड़ेगा।
वित्त संविदा समिति दे चुकी है मंजूरी
नगर निगम के तैयार किए इस प्रस्ताव को वित्त संविदा समिति मंजूरी दे चुकी है। अब 29 अक्तूबर को होने वाले मासिक सदन में इस पर अंतिम मुहर लगेगी। नगर निगम के अनुसार यह प्रस्ताव नया नहीं है। निगम से पहले भी 927 कारोबारियों ने इसका लाइसेंस ले रखा है। अब केंद्र सरकार के दिशा निर्देश के अनुसार ही इसे लागू किया जा रहा है। नगर निगम ने इस बारे में उप नियम भी बनाए हैं जिन्हें सदन में मंजूरी के लिए रखा जाएगा। इसके अनुसार अस्थाई और स्थाई तौर पर शहर में कारोबार करने वाले कारोबारियों को निगम से ट्रेड लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। इसका क्या शुल्क रहेगा, इस पर सदन अंतिम फैसला लेगा।
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कारोबारियों ने दी आंदोलन छेड़ने की धमकी
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी शिमला में नगर निगम से ट्रेड लाइसेंस लेने की शर्त लागू करने पर शहर के कारोबारी भड़क गए हैं।
इनका कहना है कि नगर निगम की यह शर्त मान्य नहीं होगी। यदि एमसी सदन ने इसे मंजूरी दी तो कारोबारी आंदोलन के लिए सड़कों पर उतरेंगे। शिमला व्यापार मंडल ने जल्द ही इस मामले पर महापौर सुरेंद्र चौहान से मिलने की तैयारी कर ली है। कारोबारियों के अनुसार शहर के ढाबा संचालक, होटल मालिक खाद्य सुरक्षा विभाग से लाइसेंस ले रहे हैं। दूसरे दुकानदार जीएसटी नंबर लेकर कारोबार कर रहे हैं। इसके अलावा भी कारोबारी अपना कारोबार चलाने के लिए कई तरह की शर्तें पूरी कर रहे हैं। अब निगम ट्रेड लाइसेंस की शर्त लगा रहा है जो सही नहीं है।
शिमला व्यापार मंडल के अध्यक्ष संजीव ठाकुर ने कहा कि नगर निगम सिर्फ अपना खजाना भरने के लिए यह शर्त थोप रहा है। इसका विरोध किया जाएगा। जरूरत पड़ी तो कारोबारी आंदोलन भी करेंगे। कहा कि इस शर्त के एवज में कारोबारियों को क्या सुविधा मिलेगी, इसका निगम के पास कोई जवाब नहीं है। कहा कि नगर निगम को यह प्रस्ताव रद्द करना होगा। शहर में हजारों कारोबारी ऐसे हैं जिन पर इसका असर पड़ेगा।
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वित्त संविदा समिति दे चुकी है मंजूरी
नगर निगम के तैयार किए इस प्रस्ताव को वित्त संविदा समिति मंजूरी दे चुकी है। अब 29 अक्तूबर को होने वाले मासिक सदन में इस पर अंतिम मुहर लगेगी। नगर निगम के अनुसार यह प्रस्ताव नया नहीं है। निगम से पहले भी 927 कारोबारियों ने इसका लाइसेंस ले रखा है। अब केंद्र सरकार के दिशा निर्देश के अनुसार ही इसे लागू किया जा रहा है। नगर निगम ने इस बारे में उप नियम भी बनाए हैं जिन्हें सदन में मंजूरी के लिए रखा जाएगा। इसके अनुसार अस्थाई और स्थाई तौर पर शहर में कारोबार करने वाले कारोबारियों को निगम से ट्रेड लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। इसका क्या शुल्क रहेगा, इस पर सदन अंतिम फैसला लेगा।
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