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Shimla News: शिमला डिवीजन में सभी परिवहन डिपो को मिले 12 से 15 नए टायर
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शहर के डिपो में कम होने लगी बसों के टायरों की समस्या
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। हिमाचल पथ परिवहन निगम में पिछले करीब दो माह से नए और रीट्रेडेड टायरों की कमी चल रही थी। बसों के खड़े होने की पेश आ रही समस्या अब कम होने लगी है। शिमला डिवीजन के सभी 12 डिपो के लिए डिवीजन स्टोर की ओर से बसों के बेड़े (फ्लीट) की संख्या के आधार पर 12 से 15 नए टायर दिए जा चुके हैं। वहीं मांग के अनुसार सप्लाई आने पर और भी टायर दिए जाने के दावे किए जा रहे हैं। फिलहाल रीट्रेडेड टायरों की प्लांट से ही पर्याप्त सप्लाई न आने के कारण थोड़ी कमी चल रही है।
रबड़ की सप्लाई को लेकर हुए टेंडर के बाद शुरू हुई सप्लाई से अब टायरों की कमी से खड़ी होने वाली बसों की संख्या कम हो जाएगी। परिवहन निगम के शिमला ग्रामीण डिपो के क्षेत्रीय प्रबंधक पंकज ठाकुर ने बताया कि उन्हें दस नए टायर मिल चुके हैं, लेकिन रीट्रेडेड टायरों की नियमित सप्लाई नहीं मिल पा रही है। वहीं शिमला शहरी ऑपरेशन डिपो के क्षेत्रीय प्रबंधक अंकुर वर्मा ने बताया कि डिपो की 192 बसों के लिए 15 नए टायर मिल चुके हैं। दूसरी ओर तारादेवी डिपो के क्षेत्रीय प्रबंधक विनोद शर्मा ने बताया कि डिपो की 111 बसों के लिए 8 नए टायर मिले हैं और रीट्रेडेड टायर भी अब मिलने शुरू हो गए हैं। उम्मीद है कि जल्द ही टायरों की चल रही कमी दूर होगी और स्थिति सामान्य हो जाएगी। टायरों की वजह से खड़ी बसें अब चलनी शुरू हो गई हैं।
बॉक्स
बरसात के मौसम में बसों में लगाए जा रहे नए टायर
परिवहन निगम के सभी डिपो में बसों के घिस चुके अगले टायरों को बदला जा रहा है, जिससे बरसात में सड़कों पर बसों की ग्रिप अच्छी रहे। इसके साथ ही पिछले टायरों को भी बदला जा रहा है। निगम के डिपो में कोई भी बस टायरों की कमी से खड़ी न रहे, इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
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कोट्स
सभी 12 डिपो को दिए जा चुके हैं 10 से 15 टायर
परिवहन निगम के शिमला डिवीजन स्टोर तारादेवी से अब तक औसतन 10 से 15 नए टायर सभी 12 डिपो को सप्लाई किए गए हैं। रीट्रेडेड टायरों की जैसे-जैसे सप्लाई आ रही है उन्हें डिपो को भेजा जा रहा है। रबड़ की सप्लाई रुक जाने के कारण टायरों को रीट्रेड करने की प्रक्रिया बाधित रही थी। अब सप्लाई आने लगी है तो जल्द ही रीट्रेडेड टायरों की किल्लत भी दूर हो जाएगी। -यशपाल सुल्तानपुरी, सहायक प्रबंधक, डिवीजन स्टोर, शिमला
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अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। हिमाचल पथ परिवहन निगम में पिछले करीब दो माह से नए और रीट्रेडेड टायरों की कमी चल रही थी। बसों के खड़े होने की पेश आ रही समस्या अब कम होने लगी है। शिमला डिवीजन के सभी 12 डिपो के लिए डिवीजन स्टोर की ओर से बसों के बेड़े (फ्लीट) की संख्या के आधार पर 12 से 15 नए टायर दिए जा चुके हैं। वहीं मांग के अनुसार सप्लाई आने पर और भी टायर दिए जाने के दावे किए जा रहे हैं। फिलहाल रीट्रेडेड टायरों की प्लांट से ही पर्याप्त सप्लाई न आने के कारण थोड़ी कमी चल रही है।
रबड़ की सप्लाई को लेकर हुए टेंडर के बाद शुरू हुई सप्लाई से अब टायरों की कमी से खड़ी होने वाली बसों की संख्या कम हो जाएगी। परिवहन निगम के शिमला ग्रामीण डिपो के क्षेत्रीय प्रबंधक पंकज ठाकुर ने बताया कि उन्हें दस नए टायर मिल चुके हैं, लेकिन रीट्रेडेड टायरों की नियमित सप्लाई नहीं मिल पा रही है। वहीं शिमला शहरी ऑपरेशन डिपो के क्षेत्रीय प्रबंधक अंकुर वर्मा ने बताया कि डिपो की 192 बसों के लिए 15 नए टायर मिल चुके हैं। दूसरी ओर तारादेवी डिपो के क्षेत्रीय प्रबंधक विनोद शर्मा ने बताया कि डिपो की 111 बसों के लिए 8 नए टायर मिले हैं और रीट्रेडेड टायर भी अब मिलने शुरू हो गए हैं। उम्मीद है कि जल्द ही टायरों की चल रही कमी दूर होगी और स्थिति सामान्य हो जाएगी। टायरों की वजह से खड़ी बसें अब चलनी शुरू हो गई हैं।
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बरसात के मौसम में बसों में लगाए जा रहे नए टायर
परिवहन निगम के सभी डिपो में बसों के घिस चुके अगले टायरों को बदला जा रहा है, जिससे बरसात में सड़कों पर बसों की ग्रिप अच्छी रहे। इसके साथ ही पिछले टायरों को भी बदला जा रहा है। निगम के डिपो में कोई भी बस टायरों की कमी से खड़ी न रहे, इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
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सभी 12 डिपो को दिए जा चुके हैं 10 से 15 टायर
परिवहन निगम के शिमला डिवीजन स्टोर तारादेवी से अब तक औसतन 10 से 15 नए टायर सभी 12 डिपो को सप्लाई किए गए हैं। रीट्रेडेड टायरों की जैसे-जैसे सप्लाई आ रही है उन्हें डिपो को भेजा जा रहा है। रबड़ की सप्लाई रुक जाने के कारण टायरों को रीट्रेड करने की प्रक्रिया बाधित रही थी। अब सप्लाई आने लगी है तो जल्द ही रीट्रेडेड टायरों की किल्लत भी दूर हो जाएगी। -यशपाल सुल्तानपुरी, सहायक प्रबंधक, डिवीजन स्टोर, शिमला