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Shimla News: दस माह से बस बंद, ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी

Tue, 27 Oct 2026 12:10 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला Updated Tue, 27 Oct 2026 12:10 AM IST
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Bus service suspended for ten months; villagers threaten to launch a protest
दाड़लाघाट के बरसनु से बस सेवा बंद होने से निजी गाड़ी में सफर करने को मजबूर स्कूली बच्चे।
दाड़लाघाट क्षेत्र के कई गांवों के लोगों और बच्चों का सफर हुआ मुश्किल
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संवाद न्यूज एजेंसी
दाड़लाघाट (सोलन)। क्षेत्र के कई गांवों में पिछले छह से दस महीनों से बस सेवा बंद होने के कारण ग्रामीणों और विद्यार्थियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। लोगों को मजबूरन महंगे निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे उन पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।
ग्राम पंचायत कोटलू, बरायली और ग्याना के चल्यावन, छटेरा, पज्यारा, बरसनु और बनोग गांवों के लोगों ने हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) से बस सेवा जल्द बहाल करने की मांग की है। ग्रामीणों के अनुसार, अर्की से बरसनु वाया घनागुघाट-छिब्बर और शिवनगर मार्ग पर बसों का संचालन लंबे समय से बंद है।
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ग्रामीणों ने बताया कि गली से उतराई के पास सड़क के एक हिस्से में सुरक्षात्मक डंगा लगाना जरूरी है। सड़क की खराब स्थिति के कारण यहां बस चलाना जोखिम भरा है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग और संबंधित अधिकारियों से मौके का निरीक्षण कर जल्द डंगा लगाने की मांग की, ताकि बस सेवा बहाल हो सके। वहीं प्रभावित ग्रामीणों में लक्ष्मी, करमचंद, नीलम, रोशनी देवी, परसराम, पार्वती देवी, किशनलाल, डिंपल, हेम सिंह, रंजन, जया देवी, रतीराम, हेमलता, मीना, मधु, रूपलाल, रंजना, हिमांशी, मंजीत, सुषमा और मनोज ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
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विद्यार्थियों और बुजुर्गों की बढ़ी परेशानी
जरूरी काम निपटाने में होती है दिक्कत
गीता ने बताया कि बस सेवा बंद होने से बाजार जाने और जरूरी काम निपटाने में दिक्कत होती है। लोगों को निजी वाहनों पर निर्भर रहना पड़ता है। रास्तों पर जंगली जानवरों का डर भी बना रहता है।
बच्चों को स्कूल पहुंचने में होती है परेशानी
स्मृति ने कहा कि बस न मिलने से विद्यार्थियों को स्कूल-कॉलेज समय पर पहुंचने में परेशानी होती है, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उन्होंने विद्यार्थियों की सुविधा के लिए छोटी बस चलाने की मांग की।
बुजुगोZं को ज्यादा मुश्किल
90 वर्षीय सुखराम ने बताया कि इस उम्र में लंबा पैदल सफर करना मुश्किल है। दवा लेने और अस्पताल जाने के लिए भी वाहन पर निर्भर रहना पड़ता है।
पड़ रहा है आर्थिक बोझ
70 वर्षीय परसराम शर्मा ने कहा कि निजी वाहनों का इस्तेमाल करने से आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। बस सेवा बहाल होने से विद्यार्थियों, कर्मचारियों और अन्य ग्रामीणों को राहत मिलेगी।
कोट
डंगा लगाने में आ रही बाधा
सड़क पर डंगा लगाने के काम में गांव का एक व्यक्ति बाधा डाल रहा है। इस संबंध में उपमंडलाधिकारी अर्की को लिखित शिकायत दी गई है। उन्होंने कहा कि प्रशासन का सहयोग मिलने पर डंगा लगाकर सड़क को यातायात के लिए दुरुस्त कर दिया जाएगा। - कृष्ण कांत चौहान, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग


कम आय और असुरक्षित सड़क बनी बाधा
इस रूट पर बस संचालन से परिवहन विभाग को बहुत कम आय होती है। इसके अलावा, सड़क पर डंगा न होने के कारण फिलहाल बस चलाना सुरक्षित नहीं है। राजेंद्र, बस अड्डा प्रभारी

दाड़लाघाट के बरसनु से बस सेवा बंद होने से निजी गाड़ी में सफर करने को मजबूर स्कूली बच्चे।

दाड़लाघाट के बरसनु से बस सेवा बंद होने से निजी गाड़ी में सफर करने को मजबूर स्कूली बच्चे।

दाड़लाघाट के बरसनु से बस सेवा बंद होने से निजी गाड़ी में सफर करने को मजबूर स्कूली बच्चे।

दाड़लाघाट के बरसनु से बस सेवा बंद होने से निजी गाड़ी में सफर करने को मजबूर स्कूली बच्चे।

दाड़लाघाट के बरसनु से बस सेवा बंद होने से निजी गाड़ी में सफर करने को मजबूर स्कूली बच्चे।

दाड़लाघाट के बरसनु से बस सेवा बंद होने से निजी गाड़ी में सफर करने को मजबूर स्कूली बच्चे।

दाड़लाघाट के बरसनु से बस सेवा बंद होने से निजी गाड़ी में सफर करने को मजबूर स्कूली बच्चे।

दाड़लाघाट के बरसनु से बस सेवा बंद होने से निजी गाड़ी में सफर करने को मजबूर स्कूली बच्चे।

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