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सुबह कम चली एचआरटीसी और निजी बसें, लोग परेशान
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विश्वकर्मा पूजा के चलते देरी से हुआ संचालन
क्रॉसर
सड़क किनारे खड़ी रही ज्यादातर निजी बसें
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। दिवाली के दूसरे दिन शुक्रवार को विश्वकर्मा पूजा के चलते एचआरटीसी और प्राइवेट बसें सुबह देरी से चलीं। इसके चलते काम पर जाने के लिए लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
लोग पैदल ही चलने को मजबूर हुए। निजी टैक्सियां भी नहीं चलीं। शहर के लोकल रूटों पर प्राइवेट बस का संचालन सुबह दस बजे के बाद शुरू हुआ। दस बजे के बाद भी कुछेक निजी बसें ही चलीं। ज्यादातर प्राइवेट बसें शाम तक सड़क किनारे खड़ी रहीं। प्राइवेट बस ऑपरेटर यूनियन शिमला के महासचिव सुनील चौहान ने बताया कि शुक्रवार सुबह बसों के चालकों-परिचालकों ने बसों की साफ सफाई की और सजावट के बाद पूजा अर्चना की। यात्रियों को परेशानी न झेलनी पड़े इसके लिए सुबह के समयसभी रूटों पर एक दो बसों का संचालन किया गया।
विश्वकर्मा पूजा के चलते चालक, परिचालकों ने भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा पर फूल चढ़ाए और मिठाइयां बांटीं। प्राइवेट बस ड्राइवर कंडक्टर यूनियन के महासचिव अखिल गुप्ता ने बताया कि विश्वकर्मा दिवस पर सुबह के समय सभी ड्राइवर कंडक्टर ने अपनी गाड़ियों की पूजा अर्चना की। बताया कि भगवान विश्वकर्मा निर्माण और सृजन के देवता है, इसलिए उनकी पूजा के साथ औजारों मशीनों और वाहनों की भी पूजा की गई।
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एचआरटीसी की बसें भी कम चलीं
राजधानी शिमला में लोकल रूटों के अलावा जिले में लंबे रूट पर भी शुक्रवार सुबह 10 बजे से पहले एचआरटीसी बसों का कम ही संचालन हुआ। वीरवार को दिवाली के चलते शुक्रवार को एचआरटीसी के चालक-परिचालक उपलब्ध नहीं होने से बसों का संचालन देरी से शुरू हुआ। हालांकि आज सभी बसें समय पर चलेंगी।
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सड़क किनारे खड़ी रही ज्यादातर निजी बसें
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। दिवाली के दूसरे दिन शुक्रवार को विश्वकर्मा पूजा के चलते एचआरटीसी और प्राइवेट बसें सुबह देरी से चलीं। इसके चलते काम पर जाने के लिए लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
लोग पैदल ही चलने को मजबूर हुए। निजी टैक्सियां भी नहीं चलीं। शहर के लोकल रूटों पर प्राइवेट बस का संचालन सुबह दस बजे के बाद शुरू हुआ। दस बजे के बाद भी कुछेक निजी बसें ही चलीं। ज्यादातर प्राइवेट बसें शाम तक सड़क किनारे खड़ी रहीं। प्राइवेट बस ऑपरेटर यूनियन शिमला के महासचिव सुनील चौहान ने बताया कि शुक्रवार सुबह बसों के चालकों-परिचालकों ने बसों की साफ सफाई की और सजावट के बाद पूजा अर्चना की। यात्रियों को परेशानी न झेलनी पड़े इसके लिए सुबह के समयसभी रूटों पर एक दो बसों का संचालन किया गया।
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विश्वकर्मा पूजा के चलते चालक, परिचालकों ने भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा पर फूल चढ़ाए और मिठाइयां बांटीं। प्राइवेट बस ड्राइवर कंडक्टर यूनियन के महासचिव अखिल गुप्ता ने बताया कि विश्वकर्मा दिवस पर सुबह के समय सभी ड्राइवर कंडक्टर ने अपनी गाड़ियों की पूजा अर्चना की। बताया कि भगवान विश्वकर्मा निर्माण और सृजन के देवता है, इसलिए उनकी पूजा के साथ औजारों मशीनों और वाहनों की भी पूजा की गई।
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एचआरटीसी की बसें भी कम चलीं
राजधानी शिमला में लोकल रूटों के अलावा जिले में लंबे रूट पर भी शुक्रवार सुबह 10 बजे से पहले एचआरटीसी बसों का कम ही संचालन हुआ। वीरवार को दिवाली के चलते शुक्रवार को एचआरटीसी के चालक-परिचालक उपलब्ध नहीं होने से बसों का संचालन देरी से शुरू हुआ। हालांकि आज सभी बसें समय पर चलेंगी।