बसों में भिड़ंत, तीन घंटे बसों में कैद रही 45 महिलाएं
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शिमला के व्यस्ततम सर्कुलर रोड पर हिमलैंड के पास बुधवार दोपहर बाद करीब साढ़े तीन बजे दो प्राइवेट बसों में भिड़त हो गई। बसों की तेज रफ्तारी के कारण हुए इस हादसे में दर्जन यात्री बाल बाल बचे। दुर्घटना का शिकार हुई एक बस कोटखाई से आई थी।
इस बस में 45 महिलाएं सवार थीं जो तीर्थ यात्रा पर वृंदावन जा रही थीं। दुर्घटना के बाद करीब पौने घंटे तक सर्कुलर रोड पर जाम लगा रहा। जाम खुलने के बाद दोनों बसों को हिमलैंड में भी रोक दिया गया।
शिमला में लोकल रूट पर चलने वाली बस से उतर कर सवारियां गंतव्य पर चली गई जबकि कोटखाई से आई बस में महिलाएं करीब तीन घंटें तक कैद रहीं। बस में सवार महिला गीता रांटा ने बताया कि बस को रोके रखने के कारण महिलाओं को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। बस में 70 वर्षीय पावर्ती देवी सहित कई अन्य बुजुर्ग महिलाएं भी सवार थीं।
राजधानी में प्राइवेट बस आपरेटर निरंकुश
राजधानी में दौड़ रही प्राइवेट बसों के आपरेटरों और ड्राइवर कंडक्टरों की मनमानी पर कोई अंकुश नहीं है। शहर में नियमों कानूनों को ताक पर रख कर बसें दौड़ाई जा रहीं है बावजूद इसके न तो परिवहन विभाग कोई कार्र्रवाई कर रहा है और न ही पुलिस कोई जहमत उठा रही है।
प्राइवेट बसों के ड्राइवरों के पास लाइसेंस तक नहीं होते। परिवहन मंत्री के आदेशों के बावजूद ड्राइवर कंडक्टर न तो वर्दी पहन रहे हैं और न ही नेम प्लेट लगा रहे हैं। तेज रफ्तार दौड़ रही प्राइवेट बसें हादसों का कारण बन रही है। बावजूद इसके जिम्मेदार महकमे हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।
नहीं बख्शे जाएंगे उल्लंघन करने वाले : देष्टा
नियमों का उल्लंघन करने वालों को नहीं बख्शा जाएगा। परिवहन विभाग बसों का निरीक्षण करने के लिए विशेष अभियान चलाएगा।
- प्रशांत देष्टा क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, शिमला
सुबह के समय जाम में फंसे रहे वाहन
बुधवार सुबह लक्कड़ बाजार-संजौली मार्ग पर कोहरा जमा होने के कारण वाहन स्किड हुए जिसके कारण लंबा जाम लगा रहा। आईजीएमसी, संजौली बाईपास, ढली और चलौंठी में लोगों ने धक्का मार कर गाड़ियां निकाली। रेत मिट्टी डालने के बाद वाहनों की आवाजाही शुरू हो पाई।