सोलन हादसा: ग्रामीण क्षेत्रों में निर्माण के लिए कोई नियम नहीं, बंद हो सकती है ये कवायद
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हिमाचल सरकार ने भले ही शहरी और प्लानिंग एरिया में भवन बनाने के लिए नियमों और कानून का प्रावधान किया हो लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसा नहीं है। लोग अपनी मर्जी से भवनों का निर्माण कर सकते हैं। 35 प्लानिंग एरिया में 45 से ज्यादा डिग्री जमीन पर भवन निर्माण की अनुमति नहीं है। बताया जा रहा है कि जिला सोलन में जो भवन गिरा है, वह भी खड़ी जमीन पर बना था। इंजीनियरों को मानना है कि 90 डिग्री जमीन के स्लोप पर भवन सुरक्षित नहीं हैं। यह भवन पूरा डंगे पर ही खड़ा होता है।
शिमला प्लानिंग एरिया की बात करें तो यहां पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने 35 डिग्री जमीन के स्लोप से अधिक निर्माण पर रोक लगाई है। शिमला में कहीं पर भी 35 डिग्री जमीन स्लोप वाली नहीं बची है। ऐसे में यह लोग प्रदेश सरकार पर दबाव बनाकर सुप्रीम कोर्ट से एनजीटी के फैसले को निरस्त कराने का दबाव बना रहे हैं।
बंद हो सकती है टीसीपी से पंचायतों को बाहर करने की कवायद
प्रदेश सरकार के पास 84 क्षेत्रों के लोगों ने टीसीपी से बाहर करने की गुहार लगाई है। सरकार ने इस मामले को देखने के लिए कैबिनेट में सब कैबिनेट कमेटी का गठन किया है। सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर को कमेटी का चेयरमैन बनाया गया है, जबकि शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज और परिवहन मंत्री गोविंद ठाकुर कमेटी के सदस्य हैं। जिला सोलन के ग्रामीण क्षेत्र में भवन गिरने से क्षेत्र को बाहर करने का मामला टल सकता है।