सोलन हादसा : 90 डिग्री स्लोप पर चार-छह पिलरों पर खड़े हैं कई मंजिला भवन
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जिला सोलन और अन्य जिलों में हाईवे और सड़कों के किनारे कारोबार के लिए नब्बे डिग्री स्लोप पर चार-छह पिलरों पर चार-चार मंजिला भवन खड़े किए हुए हैं। इन भवनों की न तो नींव मजबूत होती है और न ही भवन नक्शे पर बने होते हैं। यहां तक कि नीचे की अधिकतर मंजिलों में दीवारें भी नहीं होती हैं। नीचे की जमीन खिसकने पर पूरी मंजिलें धराशायी हो जाती हैं।
शहरों में तो शिकंजा कसता रहता है, लेकिन पंचायत क्षेत्र में नियमों को दरकिनार करने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं होती है। ऐसे भवनों पर होटल, ढाबे सहित अन्य कारोबार चलाए जा रहे हैं। ऐसे भवनों से जब कोई नुकसान होता है तो संबंधित प्रशासन भवनों की फाइलें खंगालने लगता है। रविवार को भी सोलन-नाहन मार्ग पर सड़क के साथ सटा एक तीन मंजिला भवन ढह गया। उक्त भवन को सीधी स्लोप पर बनाया गया था।
सोलन में पहले भी धराशायी हुए हैं भवन
जिला सोलन में कुमारहट्टी के समीप कुछ वर्ष पूर्व एक स्कूल भवन गिर चुका है। हालांकि, इसमें कोई जानी नुकसान नहीं हुआ था। वहीं सोलन शहर के साथ मां शूलिनी मंदिर के नजदीक भी एक भवन ढह गया था। उक्त भवन को जिला प्रशासन की ओर से पहले ही अनसेफ घोषित कर दिया था। वहीं फोरलेन कार्य के दौरान भी कई घर कटिंग के कारण गिरने की कगार पर आ गए थे, लेकिन उक्त भवनों को अनसेफ घोषित कर उसमें रह रहे लोगों को वहां से बाहर कर दिया गया है।
एक दर्जन भवन अवैध, नोटिस दिए पर कार्रवाई नहीं
सोलन शहर सहित आसपास के क्षेत्रों में भी हादसा हो सकता है। यहां करीब 12 भवन अवैध रूप से तैयार किए गए हैं। इसमें कुछ भवन बहुमंजिला हैं तो कुछ भवन नक्शे से बाहर बनाए गए हैं। हालांकि, नगर परिषद की ओर से उक्त भवन मालिकों को नोटिस दिए हैं, लेकिन अभी तक इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। उधर, नगर परिषद सोलन के अध्यक्ष देवेंद्र ठाकुर ने बताया कि नगर परिषद के तहत 12 अवैध भवन हैं। इनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है, जिसमें कुछ मामले कोर्ट में हैं।