हिमाचल में बिल्डर हिमुडा की तर्ज पर मांग रहे रियायतें, सरकार ने विशेषज्ञों से मांगी राय
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हिमाचल में रियल एस्टेट कंपनियों ने सरकार से हिमुडा की तर्ज पर दर्जा और सुविधाएं देने की मांग की है। बिल्डरों का तर्क है कि आवास सुविधा देने के मामले में वह भी हिमुडा की तरह की काम कर रहे हैं। ऐसे में उन्हें निर्माण के लिए हिमुडा की तरह की संबंधित मामलों में छूट दी जानी चाहिए। ऐसा करने से उन्हें प्रोत्साहन मिलेगा, जिसका सीधा लाभ उपभोक्ताओं को मिलेगा।
सूत्रों के अनुसार सरकार को भेजे गए इससे संबंधित प्रस्ताव में कहा गया है कि निजी निर्माण कंपनिनों को यदि निजी कॉलोनी विकसित करने और सोलर पॉवर प्लांट लगाने संबंधी रियायतें दी जाती हैं तो इससे आम लोगों को फायदा होगा। साथ ही आवास सुविधा देने में भी ज्यादा आसानी होगी। वहीं, नियमों में संशोधन की मांग के इस प्रस्ताव पर सरकार ने विधि विभाग से राय मांगी है।
मामले में क्या है विधि राय
सूत्रों ने बताया कि सरकार की ओर से भेजे गए प्रस्ताव पर विधि विशेषज्ञों ने सरकार से कहा है कि निजी रियल एस्टेट कंपनियों को हिमुडा के समकक्ष लाने से राज्य के हितों पर विपरीत असर पड़ेगा।
विधि विशेषज्ञों का तर्क है कि हिमुडा की आय सरकारी खजाने में जा रही है, जबकि निजी कंपनियां पूरा मुनाफा अपने खाते में जमा करती हैं। नियमों में संशोधन करना ही है तो इस पर किसी भी तरह का फैसला सरकार अपने विवेक के अनुसार ही ले सकती है।