चीन सीमा पर और मजबूत होगा भारत
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चीन बार्डर के साथ लगते इलाके जल्द ही सड़क सुविधा से जुड़ेंगे। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) इन क्षेत्रों की सड़कों को बड़ी गंभीरता से ले रहा है और इन्हें एक साल के भीतर सड़क सुविधा से जोड़ना है।
इस संबंध में सीमा सड़क संगठन की टीम एक सप्ताह तक चीन के साथ लगते इलाकों में मौके पर डटी रही। टीम ने बार्डर तक निकाली जाने वाली एक के बाद एक सड़कों का निरीक्षण किया और मौके पर काम कर रहे जवानों को काम में तेजी लाने के निर्देश दिए।
ये सड़कें पौंग बार्डर चीन तक निकाली जानी हैं। सेना के जवानों के लिए ये वैकल्पिक मार्ग होंगे। बीआरओ के चीफ इंजीनियर ब्रिगेडियर एसके कटारिया ने कहा कि सोमवार की टीम बार्डर से लौटी है।
बननी है 132 किलोमीटर सड़क
बीआरओ के अधिकारियों ने बताया कि चीफ इंजीनियर ब्रिगेडियर एसके कटारिया ने हिंदुस्तान तिब्बत रोड का पवारी से कौरिक तक निरीक्षण कर जवानों को काम में तेजी लाने को कहा है।
पवारी से कौरिक तक करीब 132 किलोमीटर की सड़क बननी है। पवारी से कौरिक सड़क के बाद टीम ने पवारी से पूह, पूह से खाब, खाब से छुप्पन, सिपकिला, मलिंग आर्टिनेट रूट और सुनडोह से कौरिक सड़क का भी निरीक्षण किया।
चीफ इंजीनियर ब्रिगेडियर एसके कटारिया ने कहा कि चीन बार्डर के साथ लगते क्षेत्रों को जल्द ही सड़क से जोड़ा जाना है, जवानों को काम में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। प्रतिदिन जवानों की प्रोग्रेस रिपोर्ट मांगी जा रही है। एक साल के भीतर काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।