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Gramphoo Kaza road: बीआरओ ने बर्फ की दीवारें काट बहाल की ग्रांफू-काजा सड़क
Sat, 08 Jun 2024 10:42 AM IST
Krishan Singh
रतन कटोच, संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतांग (लाहौल-स्पीति)
रतन कटोच, संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतांग (लाहौल-स्पीति)
Published by: Krishan Singh
Updated Sat, 08 Jun 2024 10:42 AM IST
सार
सीमा सड़क संगठन ने इस मार्ग को 22 मई को बहाल कर दिया था। अब पूरी तरह से बर्फ हटाने के बाद वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है। अब कुल्लू-काजा बस चलने का भी लोगों को इंतजार है।
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ग्रांफू-काजा सड़क
- फोटो : संवाद
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विस्तार
चीन सीमा से सटे समदो को मनाली की तरफ से जोड़ने वाले सामरिक महत्व के ग्रांफू-काजा-समदो मार्ग को सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने बहाल कर दिया है। करीब 15,000 फुट ऊंचे 211 किलोमीटर लंबी इस सड़क को बहाल करना बड़ी चुनौती था। सीमा सड़क संगठन ने इस मार्ग को 22 मई को बहाल कर दिया था। अब पूरी तरह से बर्फ हटाने के बाद वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है। अब कुल्लू-काजा बस चलने का भी लोगों को इंतजार है। लाहौल की ओर से सिस्सू स्थित सीमा सड़क संगठन 94 आरसीसी ने बर्फ हटाओ अभियान में कई चुनौतियों का सामना किया।
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बीआरओ को शिगरी ग्लेशियर सहित 21 हिमखंडों को काटना पड़ा है। ये हिमखंड 30 से 40 फुट तक ऊंचे थे। हिमखंडों की लंबाई भी 200 से 250 मीटर थी। बर्फ के ढेरों से भरे करीब 47 नालों से भी जवान जूझते रहे। सीमा सड़क संगठन के जवानों को रोज सुबह 6:00 बजे से शाम 7:30 बजे तक खराब मौसम, बर्फबारी यहां तक कि बर्फीली हवाओं का सामना करना पड़ा है। बीआरओ के 94 आरसीसी के सहायक अभियंता बीडी धीमान ने बताया कि 211 किलोमीटर लंबे ग्रांफू-काजा-समदो मार्ग को बहाल कर दिया है। लाहौल की तरफ से 41 किलोमीटर लंबे मार्ग से 21 ग्लेशियरों और 45 नालों में बर्फ के ढेरों को हटाने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी है।
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16 अप्रैल को शुरू हुआ अभियान
16 अप्रैल को बर्फ हटाने का कार्य शुरू किया और 17 मई को टीम छतड़ू पहुंची। 22 मई को शिगरी ग्लेशियर के पास पहुंची। इस जगह नेटवर्क नहीं होने से वॉकी-टॉकी का सहारा लेना पड़ा है। टीम लीडर शुभम सिंह की अगुवाई में ऑपरेटर अनूप और अर्जुन ने इस अभियान को अंजाम दिया है।
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