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Shimla News: रिश्वतखोर अफसरों ने ताज महल के टेंडर में भी लगा दिए 25 साल
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गेयटी में नाट्य समारोह का आगाज, ताज महल नाटक का हुआ मंचन
कलाकारों ने नाटक के जरिये किया भ्रष्टाचार पर कटाक्ष
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। शाहजहां के आदेशों के बावजूद रिश्वतखोर अफसरों ने ताज महल के टेंडर में 25 साल लगा दिए। यही नहीं इस धरोहर के निर्माण के समय अधिकारियों ने पैसा भी खूब कमाया।
अफसरशाही को दर्शाती यह कहानी सोमवार को गेयटी थियेटर में शुरू हुए रंग षष्ठी हीरक जयंती नाट्य समारोह में नाटक के जरिये दर्शकों के सामने रखी गई। नाटक में दर्शाई इस कहानी से जहां एक ओर अफसरशाही पर कटाक्ष किया गया वहीं दूसरी ओर व्यंग्य कर लोगों को भी खूब हंसाया। नाट्य समारोह के पहले दिन सोमवार को बहुउद्देशीय हॉल में ताज महल का टेंडर नाटक का मंचन किया गया। इसका निर्देशन चित्तरंजन त्रिपाठी ने किया है और नाटककार अजय शुक्ला ने लिखा है। शाम 5:30 बजे के बाद शुरू हुए इस नाटक के मंचन में दिखाया है कि बादशाह शाहजहां सीपीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर गुप्ता को बुलाकर उन्हें अपनी जन्नतनशीन बीवी मुमताज के लिए एक यादगार इमारत बनवाने के अपने ख्वाब के बारे में बताता है।
काफी सोच विचार के बाद वह इस नतीजे पर पहुंचता है कि मुमताज की याद में वो एक मकबरा बनावाएगा जिसका नाम होगा ताज महल। एक बेहद चालाक और भ्रष्ट अधिकारी शाहजहां को अपने जाल तथा लालफीताशाही में फंसा लेते हैं, जो अनेक हास्य-व्यंग से भरी स्थितियों का निर्माण करती है। शाहजहां की ताजमहल की अर्जी के अनुमोदन में ही अफसरशाही 25 साल लगा देती है। तब कहीं जाकर ताजमहल के निर्माण को टेंडर निकाला जाता है। यह नाटक उन संगठनात्मक बीमारियों पर केंद्रित है जिनसे भारतवर्ष बुरी तरह ग्रसित है। भ्रष्टाचार, कामचोरी, भाई-भतीजावाद, पिछड़ापन, अहंकार और जनता की जरूरतों के प्रति संवेदनहीनता। राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय रिपैट्री और भाषा एवं संस्कृति विभाग की ओर से आयोजित नाट्य समारोह में 10 नवंबर तक लगातार नाटकों का मंचन होगा।
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नाटक में अजय कुमार, अखिल प्रताप गौतम, सत्येंद्र मल्लिक, सुमन कुमार, पूजा गुप्ता, अंकुर सिंह, नवीन सिंह ठाकुर, शिव प्रसाद गौंड, बिक्रम लेप्चा, पॉली फुकन, हीरालाल रॉय, नारायण पवार, प्रतीक बडेरा, आलोक रंजन मधुरिमा तरफदार, अनंत शर्मा, सतीश कुमार, मुकेश झां, रमन बाबू, पूनम दहिया, रीता देवी और नवीन सिंह ठाकुर ने अभिनय किया।
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कलाकारों ने नाटक के जरिये किया भ्रष्टाचार पर कटाक्ष
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। शाहजहां के आदेशों के बावजूद रिश्वतखोर अफसरों ने ताज महल के टेंडर में 25 साल लगा दिए। यही नहीं इस धरोहर के निर्माण के समय अधिकारियों ने पैसा भी खूब कमाया।
अफसरशाही को दर्शाती यह कहानी सोमवार को गेयटी थियेटर में शुरू हुए रंग षष्ठी हीरक जयंती नाट्य समारोह में नाटक के जरिये दर्शकों के सामने रखी गई। नाटक में दर्शाई इस कहानी से जहां एक ओर अफसरशाही पर कटाक्ष किया गया वहीं दूसरी ओर व्यंग्य कर लोगों को भी खूब हंसाया। नाट्य समारोह के पहले दिन सोमवार को बहुउद्देशीय हॉल में ताज महल का टेंडर नाटक का मंचन किया गया। इसका निर्देशन चित्तरंजन त्रिपाठी ने किया है और नाटककार अजय शुक्ला ने लिखा है। शाम 5:30 बजे के बाद शुरू हुए इस नाटक के मंचन में दिखाया है कि बादशाह शाहजहां सीपीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर गुप्ता को बुलाकर उन्हें अपनी जन्नतनशीन बीवी मुमताज के लिए एक यादगार इमारत बनवाने के अपने ख्वाब के बारे में बताता है।
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काफी सोच विचार के बाद वह इस नतीजे पर पहुंचता है कि मुमताज की याद में वो एक मकबरा बनावाएगा जिसका नाम होगा ताज महल। एक बेहद चालाक और भ्रष्ट अधिकारी शाहजहां को अपने जाल तथा लालफीताशाही में फंसा लेते हैं, जो अनेक हास्य-व्यंग से भरी स्थितियों का निर्माण करती है। शाहजहां की ताजमहल की अर्जी के अनुमोदन में ही अफसरशाही 25 साल लगा देती है। तब कहीं जाकर ताजमहल के निर्माण को टेंडर निकाला जाता है। यह नाटक उन संगठनात्मक बीमारियों पर केंद्रित है जिनसे भारतवर्ष बुरी तरह ग्रसित है। भ्रष्टाचार, कामचोरी, भाई-भतीजावाद, पिछड़ापन, अहंकार और जनता की जरूरतों के प्रति संवेदनहीनता। राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय रिपैट्री और भाषा एवं संस्कृति विभाग की ओर से आयोजित नाट्य समारोह में 10 नवंबर तक लगातार नाटकों का मंचन होगा।
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नाटक में अजय कुमार, अखिल प्रताप गौतम, सत्येंद्र मल्लिक, सुमन कुमार, पूजा गुप्ता, अंकुर सिंह, नवीन सिंह ठाकुर, शिव प्रसाद गौंड, बिक्रम लेप्चा, पॉली फुकन, हीरालाल रॉय, नारायण पवार, प्रतीक बडेरा, आलोक रंजन मधुरिमा तरफदार, अनंत शर्मा, सतीश कुमार, मुकेश झां, रमन बाबू, पूनम दहिया, रीता देवी और नवीन सिंह ठाकुर ने अभिनय किया।