सीमा विवाद: चंबा की 10 किमी जमीन पर जेएंडके बना रहा सड़क, विधायक हंसराज ने किया खुलासा
प्रदेश के चंबा जिले की सीमा के भीतर जम्मू-कश्मीर ने 10 किमी सड़क का निर्माण कर दिया है, लेकिन जिला प्रशासन को भनक तक नहीं हैं। आरोप है कि पदधरी जोत में एक तरफ जहां भद्रवाह के लोग पर्यटन हट बना रहे हैं।
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हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले की सीमा के भीतर जम्मू-कश्मीर ने 10 किमी सड़क का निर्माण कर दिया है, लेकिन जिला प्रशासन को भनक तक नहीं हैं। आरोप है कि पदधरी जोत में एक तरफ जहां भद्रवाह के लोग पर्यटन हट बना रहे हैं। दूसरी ओर छोटी पदधरी जोत के लिए बिना किसी रोक-टोक 10 किमी सड़क बनाने का खुलासा चुराह के विधायक डॉ. हंसराज ने सोशल मीडिया पर किया है। इतना ही नहीं, अब जम्मू-कश्मीर धीरे-धीरे लंगेरा की ओर बढ़ रहा है। चुराह के विधायक ने प्रदेश सरकार से इस मामले को केंद्र सरकार के ध्यान में लाकर दोनों राज्यों की सीमा को चिह्नित करने की बात कही है। जिला चंबा के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पधरी जोत की समुद्र तल से ऊंचाई करीब 9963 फीट है, जहां से जम्मू का भद्रवाह शहर दिखता है। हर वर्ष पूरे हिमाचल समेत पड़ोसी राज्यों से पर्यटक यहां पर प्राकृतिक नजारों का लुत्फ उठाने पहुंचते हैं। अब चंबा जिला के सीमांत क्षेत्र पर पड़ोसी राज्य जम्मू-कश्मीर की ओर से कब्जा किया जा रहा है।
गौर हो कि वर्ष 2021 में भी हिमाचल और जम्मू-कश्मीर के सीमांत क्षेत्र को लेकर चंबा प्रशासन और डोडा प्रशासन आमने-सामने आ चुका है। इस दौरान बाकायदा खुंडी मराल में दोनों जिलों के अधिकारियों की बैठक भी हुई। हिमाचल ने सीमावर्ती क्षेत्र पधरी जोत को चंबा के सलूणी उपमंडल का हिस्सा होने का दावा किया है। डोडा प्रशासन के समक्ष 1854 से पहले के दस्तावेज भी प्रस्तुत किए गए हैं, जिस पर डोडा प्रशासन कोई दस्तावेज नहीं दिखा पाया। ऐसे में अब एक बार फिर से सीमांत क्षेत्र पर जेएंडके की ओर से कब्जे की बात सामने आने से मामला तूल पकड़ता दिख रहा है। चुराह के विधायक हंसराज ने बताया कि पांगी से लौटते वक्त उन्होंने यब सब देखा तो दंग रह गए। उन्होंने और चंबा के विधायक ने यह मामला विधानसभा में उठाया है। अब प्रदेश सरकार को समय रहते इस मामले को केंद्र सरकार को अवगत करवाना चाहिए।
मामला ध्यान में हैं। सीमांत क्षेत्र को लेकर मामला सरकार के विचाराधीन है। -अपूर्व देवगन, उपायुक्त चंबा
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सरकार ने जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव को लिखा पत्र : ओंकार
चंबा में जमीन पर कब्जे के मामले में मुख्य सचिव ने जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव को पत्र लिखा है। विवादित क्षेत्र की पैमाइश भी करवाई गई है, जिसमें जमीन हिमाचल की निकली है। मामले पर सरकार की पूरी नजर है। - ओंकार शर्मा, प्रधान सचिव राजस्व
आठ साल बाद भी नहीं सुलझा सरचू सीमा का विवाद
मनाली-लेह मार्ग स्थित हिमाचल की सीमा सरचू का विवाद आठ साल बाद भी नहीं सुलझ सका है। सरचू में लद्दाख के अस्थायी कारोबारियों पर हिमाचल की सीमा में आकर कारोबार करने का आरोप है। हिमाचल और लद्दाख के व्यवसायियों में तनातनी के बाद 10 अगस्त 2015 को के लाहौल-स्पीति और लेह के प्रशासनिक अधिकारियों के बीच सरचू में एक बैठक हुई थी। इस दौरान सर्वे ऑफ इंडिया की टीम ने भी विवादित स्थल का दौरा किया था। खुलासा हुआ था कि लद्दाख की पुलिस और व्यवसायी हिमाचल सीमा के 17 किलोमीटर अंदर तक घुस आए हैं। लेह पुलिस की अस्थायी चौकी हिमाचल सीमा में दर्शाया गया है। सर्वे टीम ने इसकी रिपोर्ट दोनों राज्यों की सरकार को सौंप दी थी। लेकिन मामला अभी तक हल नहीं हो पाया है।