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Shimla News: सीबीएसई स्कूलों में दो माह बाद भी नहीं पहुंची किताबें
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स्कूली बच्चों की पढ़ाई हो रही है प्रभावित
सीएंडवी अध्यापक संघ ने की निर्देश जारी करने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। प्रदेश में सीबीएसई बने स्कूलों में शैक्षणिक सत्र शुरू हुए दो महीने से ज्यादा का समय बीत गया है लेकिन अभी तक सीबीएसई पाठ्यक्रम की किताबें नहीं मिली हैं। इसको लेकर अभिभावकों के बाद अब शिक्षकों ने भी सवाल उठाए हैं।हिमाचल प्रदेश राजकीय सीएंडवी अध्यापक संघ ने विभाग से नए सीबीएसई विद्यालयों में कक्षा छठी, सातवीं और नवमी के लिए पाठ्यक्रम एवं विषयवार पाठ्यचर्या संबंधी स्पष्ट दिशा-निर्देश जल्द जारी करने की मांग की है।
संघ के राज्य अध्यक्ष शेर सिंह ठाकुर, कांता ठाकुर, महासचिव होशियार सिंह और दिलीप ने कहा कि प्रदेश के स्कूलों में नया शैक्षणिक सत्र शुरू हुए दो महीने से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक सीबीएसई विद्यालयों में पढ़ाई के लिए विभाग की ओर से कोई स्पष्ट लिखित सामग्री उपलब्ध नहीं करवाई है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने समय पर अपनी पुस्तकें स्कूलों तक पहुंचा दी हैं और छात्र उन्हीं पुस्तकों से पढ़ाई कर रहे हैं। इसके कारण सीबीएसई विद्यालयों में बच्चों और शिक्षकों के बीच अभी भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। संघ का कहना है कि शिक्षा विभाग को स्पष्ट करना सीबीएसई विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों को हिमाचल प्रदेश शिक्षा बोर्ड की पुस्तकें पढ़नी हैं या फिर सीबीएसई बोर्ड की। यदि सीबीएसई की पुस्तकें लागू हैं तो अब तक विद्यार्थियों को पुस्तकें उपलब्ध क्यों नहीं करवाई गईं।
विभाग स्पष्ट करे स्थिति
शिक्षकों का कहना है कि विभाग को इसके साथ ही यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि क्या इन विद्यालयों के छात्रों को भी मुफ्त पुस्तकें मिलेंगी या अभिभावकों को अपने खर्चे पर पुस्तकें खरीदनी पड़ेंगी। संघ की प्रदेश कार्यकारिणी समेत विभिन्न जिला प्रधान जिसमें सुरेंद्र कुमार, रविकांत, विनोद चौहान, जीत रघुवंशी, संजय कुमार, संदीप नेगी, यशपाल और ओम प्रकाश ने भी शिक्षा विभाग से जल्द स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। समय रहते निर्णय नहीं लिया गया तो बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो सकती है।
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सीएंडवी अध्यापक संघ ने की निर्देश जारी करने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। प्रदेश में सीबीएसई बने स्कूलों में शैक्षणिक सत्र शुरू हुए दो महीने से ज्यादा का समय बीत गया है लेकिन अभी तक सीबीएसई पाठ्यक्रम की किताबें नहीं मिली हैं। इसको लेकर अभिभावकों के बाद अब शिक्षकों ने भी सवाल उठाए हैं।हिमाचल प्रदेश राजकीय सीएंडवी अध्यापक संघ ने विभाग से नए सीबीएसई विद्यालयों में कक्षा छठी, सातवीं और नवमी के लिए पाठ्यक्रम एवं विषयवार पाठ्यचर्या संबंधी स्पष्ट दिशा-निर्देश जल्द जारी करने की मांग की है।
संघ के राज्य अध्यक्ष शेर सिंह ठाकुर, कांता ठाकुर, महासचिव होशियार सिंह और दिलीप ने कहा कि प्रदेश के स्कूलों में नया शैक्षणिक सत्र शुरू हुए दो महीने से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक सीबीएसई विद्यालयों में पढ़ाई के लिए विभाग की ओर से कोई स्पष्ट लिखित सामग्री उपलब्ध नहीं करवाई है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने समय पर अपनी पुस्तकें स्कूलों तक पहुंचा दी हैं और छात्र उन्हीं पुस्तकों से पढ़ाई कर रहे हैं। इसके कारण सीबीएसई विद्यालयों में बच्चों और शिक्षकों के बीच अभी भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। संघ का कहना है कि शिक्षा विभाग को स्पष्ट करना सीबीएसई विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों को हिमाचल प्रदेश शिक्षा बोर्ड की पुस्तकें पढ़नी हैं या फिर सीबीएसई बोर्ड की। यदि सीबीएसई की पुस्तकें लागू हैं तो अब तक विद्यार्थियों को पुस्तकें उपलब्ध क्यों नहीं करवाई गईं।
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विभाग स्पष्ट करे स्थिति
शिक्षकों का कहना है कि विभाग को इसके साथ ही यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि क्या इन विद्यालयों के छात्रों को भी मुफ्त पुस्तकें मिलेंगी या अभिभावकों को अपने खर्चे पर पुस्तकें खरीदनी पड़ेंगी। संघ की प्रदेश कार्यकारिणी समेत विभिन्न जिला प्रधान जिसमें सुरेंद्र कुमार, रविकांत, विनोद चौहान, जीत रघुवंशी, संजय कुमार, संदीप नेगी, यशपाल और ओम प्रकाश ने भी शिक्षा विभाग से जल्द स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। समय रहते निर्णय नहीं लिया गया तो बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो सकती है।
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