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मां का सपना पूरा करने के लिए बना गायक : कमाल खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंबा
Updated Thu, 02 Aug 2018 06:07 PM IST
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बॉलीवुड गायक कमाल खान ने कहा कि मां के सपने को पूरा करने के लिए वे गायक बने। उनके पिता जाफर खान स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत थे। इसीलिए वे उन्हें डॉक्टर बनाना चाहते थे।
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मां शकीना अली गृहिणी थीं, लेकिन संगीत का काफी अनुभव रखती थीं। उन्होंने कहा कि बचपन में उन्होंने अपनी माता से संगीत की तालीम ली। बॉलीवुड गायक कमाल खान अमर उजाला से बातचीत कर रहे थे।
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उन्होंने बताया कि साल 2008 में पहली बार रिएलिटी शो वॉयस ऑफ पंजाब में हिस्सा लिया। इसमें विजेता रहे। इसके बाद वर्ष 2010 में रिएलिटी शो सारेगामापा में भाग लिया। यह उनकी जिंदगी का टर्निंग प्वाइंट बन गया।
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कमाल ने बताया ऐसे हुए बॉलीवुड में उनकी एंट्री
इस दौरान उन्हें बॉलीवुड स्टार अक्षय कुमार की फिल्म तीस मार खां में गाना गाने का मौका मिला। इस गीत के जरिये उनकी बॉलीवुड में एंट्री हुई। उन्होंने कहा कि इसी साल वे वेस्टइंडीज में भी कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले हैं।
उन्होंने कहा कि बॉलीवुड में असली पहचान इमरान हाशमी के लिए गाए गीत तेरे वास्ते मेरा इश्क सूफियाना से मिली। इस गीत को देश के सभी लोगों ने पसंद किया। इसके बाद दर्जनों फिल्मों में गाने का मौका मिला।
आने वाली फिल्म के लिए भी गीत रिकॉर्ड करवाए हैं। वे बचपन से ही नुसरत फतेह अली खान के गीत सुनते आए हैं। उन्होंने कहा कि संगीतकार का कोई धर्म और जाति नहीं होती।
वह मात्र संगीत गाता है। इसकी जीती जागती मिसाल थे नुसरत फतेह अली खान। उन्होंने युवाओं को गायकी में आगे बढ़ने के लिए कड़ी मेहनत करने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि बॉलीवुड में असली पहचान इमरान हाशमी के लिए गाए गीत तेरे वास्ते मेरा इश्क सूफियाना से मिली। इस गीत को देश के सभी लोगों ने पसंद किया। इसके बाद दर्जनों फिल्मों में गाने का मौका मिला।
आने वाली फिल्म के लिए भी गीत रिकॉर्ड करवाए हैं। वे बचपन से ही नुसरत फतेह अली खान के गीत सुनते आए हैं। उन्होंने कहा कि संगीतकार का कोई धर्म और जाति नहीं होती।
वह मात्र संगीत गाता है। इसकी जीती जागती मिसाल थे नुसरत फतेह अली खान। उन्होंने युवाओं को गायकी में आगे बढ़ने के लिए कड़ी मेहनत करने के लिए प्रेरित किया।