कंगना बोलीं- हिमाचल की बेटी हूं, यहां पहुंचते ही मिलता है सुकून
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बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रणौत मां अंबिका के मंदिर और मूर्ति की प्रतिष्ठा कार्यक्रम के लिए अपने पैतृक गांव धबोई में बुधवार देर शाम पहुंचीं। इस दौरान उनके घर में धार्मिक कार्यक्रम चल रहा था। मंदिर में भजन-कीर्तन से पूरा माहौल धार्मिक हो गया था। जैसे ही वे घर पहुंचीं, लंबे समय बाद उन्हें घर देखकर सभी खुश हो गए।
कंगना ने भी रिश्तेदारों और परिजनों से लोकल बोली में बात की और सबसे मिलीं। इसके बाद कार्यक्रम में शामिल हुईं। उनके घर परिवार के सदस्यों के साथ ही सभी रिश्तेदार और उनसे मिलने आए हुए लोग उन्हें देखकर दंग रह गए। बॉलीवुड अदाकारा को भजनों में लीन होकर झूमते देख हर कोई चकित रह गया।
व्यस्तता के कारण नहीं मिला समय
कंगना ने स्थानीय महिलाओं के साथ स्थानीय भेंटों व भजनों पर जमकर नृत्य किया। बाद में उन्होंने कहा कि वे हिमाचल की बेटी हैं और हिमाचल पहुंचते ही उन्हें सुकून मिलता है।
कंगना ने खुद पैतृक गांव धबोई में कुलदेवी का मंदिर बनवाया है। यहां मूर्ति स्थापना का कार्यक्रम काफी समय से लंबित चल रहा था। वीरवार को बॉलीवुड की व्यस्ततम जिंदगी से समय निकालकर कंगना ने प्रतिष्ठा करवाई।
इस अवसर पर कंगना रनौत के दादा ब्रह्मदास, बहन रंगोली, भाई अक्षत रणौत, माता आशा रणौत, मामा किशोर वर्मा, बहन के ससुर एमएस चंदेल, रंगोली के पति अजय चंदेल सहित अन्य सभी सगे संबंधी उपस्थित थे।