Agniveer Nikhil Dadhwal Death: बेटे की पार्थिव देह घर पहुंची, मां बदहवास; नम आंखों से दी अंतिम विदाई
हमीरपुर के अग्रिवीर निखिल डढवाल की पार्थिव देह के पैतृक गांव नगर परिषद हमीरपुर के वार्ड नंबर 11 के लाहलड़ी में पहुंचते ही चीखों पुकार से माहौल गमगीन हो गया। हमीरपुर के अग्रिवीर निखिल डढवाल की पार्थिव देह के पैतृक गांव नगर परिषद हमीरपुर के वार्ड नंबर 11 के लाहलड़ी में पहुंचते ही चीखों पुकार से माहौल गमगीन हो गया।
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जिला मुख्यालय के साथ लगते क्षेत्र लालहड़ी के अग्निवीर (थल सेना) निखिल कुमार का शुक्रवार को हथली के मोक्षधाम में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। निखिल की पार्थिव देह पैतृक गांव पहुंचते ही माहौल गमगीन हो गया। सवा तीन बजे के करीब निखिल का पार्थिव लाहलड़ी पहुंचा। 48 घंटे से मां ने अन्न का एक दाना नहीं खाया है। बेटे की पार्थिव देह घर पहुंचते ही बीमार मां गश खाकर जमीन पर गिर गई। परिजनों ने उन्हें संभाला।
जम्मू के अखनूर में तैनात अग्निवीर निखिल को नम आंखों से स्वजनों और सैकड़ों ग्रामीणों ने अंतिम विदाई दी। इस दौरान जिला प्रशासन की ओर से उपायुक्त अमरजीत सिंह, पुलिस अधीक्षक भगत सिंह, नायब तहसीलदार जगदीश चंद और अन्य अधिकारियों ने श्रद्धांजलि अर्पित की तथा शोकाकुल परिजनों को ढांढस बंधाया। निखिल के पिता दिलेर सिंह खुद को संभालने के साथ बीमार पत्नी को संभालते रहे, लेकिन उनकी नम आंखों से बेटे की मौत का दुख साफ झलक रहा था। तिरंगे में लिपटे निखिल की अंतिम यात्रा में सैकड़ों ग्रामीण और युवा शामिल हुए।
युवाओं ने बाइक रैली के जरिये निखिल को अमर रहे के नारों से अंतिम विदाई दी। इसके बाद निखिल की पार्थिव देह को सेना के वाहन में ही हथली खड्ड के मोक्षधाम तक लाया गया, जहां भारतीय थल सेना के ब्रिगेडियर एमएस बैंस, कर्नल अजय कुमार, लेफ्टिनेंट कर्नल वरुण गांधी, कैप्टन साहिल कुमार, नायब तहसीलदार जगदीश चंद, अन्य अधिकारियों, निखिल के पिता दलेर सिंह और ताया देवी दत्त ने पुष्प चक्र अर्पित करके श्रद्धांजलि दी। कैप्टन साहिल कुमार ने निखिल कुमार के पिता दलेर सिंह को राष्ट्रीय ध्वज सौंपा तथा सैन्य टुकड़ी ने हवा में फायर करके निखिल को अंतिम विदाई दी। निखिल के भाई अखिल डढवाल ने मुखाग्नि दी।
पिता बोले-कभी नहीं लगा, बेटा परेशान है, भाई ने मांगा इंसाफ
निखिल के पिता दिलेर सिंह ने कहा कि बेटे से हर दिन बात होती थी। कभी ऐसा नहीं लगा कि उसे कोई परेशानी है। वह हमेशा खुश होकर बात करता था। बेटे की मौत कैसे हुई है अभी तक उन्हें कुछ नहीं बताया गया। निखिल के भाई अखिल का कहना है कि 16 जुलाई को छोटे भाई से बात हुई थी। कभी भी निखिल ने कोई परेशानी के बारे में बात नहीं। उन्होंने कहा कि भाई को इंसाफ मिलना चाहिए। बीते बुधवार को निखिल की मौत राइफल से गोली लगने से हो गई थी। गोली कैसे चली है, इसे लेकर अभी तक परिजनों को सेना की ओर से आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।