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देश में पहली बार ब्लैक नेक्ड क्रेन का होगा सर्वे

Mon, 03 Aug 2015 09:37 AM IST
प्रवेश कुमारी/अमर उजाला, शिमला
प्रवेश कुमारी/अमर उजाला, शिमला Updated Mon, 03 Aug 2015 09:37 AM IST
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Black-necked cranes survey in the country will be done by himachal.

देश में पहली बार ब्लैक नेक्ड क्रेन का स्टेटस सर्वे होगा। केंद्र सरकार ने इसका जिम्मा हिमाचल को सौंपा है। प्रोजेक्ट के तहत तीन साल तक इस पक्षी की गणना और हर गतिविधि का अध्ययन किया जाएगा। सोलन स्थित भारतीय जंतु सर्वेक्षण (जेडएसआई) के हाई एल्टीट्यूड सेंटर के विशेषज्ञ पहले चरण के अध्ययन के लिए लद्दाख रवाना हो गए हैं।

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यहां 18 दिनों तक प्रारंभिक अध्ययन किया होगा। यह पक्षी भूटान, लद्दाख, हिमाचल और चीन बॉर्डर से सटे कुछ क्षेत्रों में पाया जाता है। अमूमन 5.5 किलो वजन के इस पक्षी की लंबाई 139 सेंटीमीटर रहती है। अधिकांश सफेद चोंच और काली गर्दन वाला यह पक्षी सिर पर लाल रंग के कगली (ताज) की वजह से अलग दिखता है।
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सर्वे का जिम्मा संभाल रहे जेडएसआई हाई एल्टीट्यूड सेंटर के विशेषज्ञ डॉ. अनिल कुमार बताते हैं कि इस पक्षी की संख्या के बारे में अभी तक अनुमान ही लगाया जाता है। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ जैसी संस्था ने यह अनुमान लगाया है, लेकिन सरकारी तौर पर पहली बार पक्षी के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए स्टेटस सर्वे हो रहा है। बकौल डॉ. अनिल अध्ययन कई चरणों में किया जाएगा।
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टीम 36 महीने में अपनी रिपोर्ट केंद्र को भेजेगी। अध्ययन का मकसद इस पक्षी के स्टेटस के बारे में जानकारी हासिल कर इसके संरक्षण के उपाय सुझाना होगा। अभी तक तो सीमांत क्षेत्रों में बढ़ती मानवीय गतिविधियों की वजह से पक्षियों की जीवनचर्या पर असर की बात कई अध्ययनों में सामने आई है। ब्लैक नेक्ड क्रेन का सच सर्वे के बाद सामने आएगा।

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