पंजाब समेत कई राज्यों के कारोबारियों का काला धन कैसे और कहां सफेद किया जा रहा है, इसका सनसनीखेज खुलासा हुआ है। पुलिस को कई चौंकाने वाले सुराग हाथ लगे हैं। आइए जानते हैं कहां और कैसे ये काला धन सफेद करवाया जा रहा है।
हिमाचल में पंजाब समेत बाहरी राज्यों के कारोबारियों का काला धन बैंकों में उच्च पदों पर बैठे अफसरों की मिलीभगत से सफेद किया जा रहा है। इसका खुलासा चंबा के चुवाड़ी में हुआ है। मंगलवार को सुदली चौक पर पुलिस ने पंजाब के होशियारपुर से चुवाड़ी आ रही एक इनोवा कार को रोका और उससे साढ़े आठ लाख के 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट बरामद किए।
पुलिस ने होशियारपुर के एक टोल प्लाजा प्रबंधक भूपेंद्र सिंह, चालक अमनदीप और कर्मचारी सुरेंद्र कुमार को हिरासत में लिया। थाने में पूछताछ के दौरान टोल प्लाजा प्रबंधक ने कबूला कि वे चुवाड़ी की स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में साढ़े आठ लाख रुपये के पुराने नोट के बदले सिक्के लेने जा रहे थे। पुलिस ने नकदी के अलावा उनके पास से बैंक प्रबंधक के नाम लिखा एक लैटर भी कब्जे में लिया है।
इस पत्र में टोल प्लाजा के मालिक ने नौ लाख रुपये को सिक्कों को बदलने की बात लिखी है। साथ ही लैटर में दूरभाष पर हुई बातचीत का भी हवाला दिया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर पूछताछ के बाद टोल प्लाजा प्रबंधक समेत तीनों को छोड़ दिया है लेकिन इस मामले को सीधा-सीधा ब्लैक मनी को व्हाइट कराने से जोड़ रही है। आयकर विभाग भी इस मामले की छानबीन में जुट गया है।
क्षेत्र में 20 से 30 फीसदी कमीशन पर पुराने नोट बदलने का गोरखधंधा चल रहा है। सूत्र बताते हैं कि ऐसे गिरोह के तार बाहरी राज्यों से जुड़े हैं और फोन पर संपर्क साधने के बाद पैसों की अदला-बदली कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार उन लोगों के खातों में तय सीमा तक ढाई लाख रुपये डाले जा रहे हैं जो अब तक खाली थे।