राज्यपाल के फैसले को कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी
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हिमाचल भाजपा राज्यपाल उर्मिला सिंह के निर्णय के खिलाफ कोर्ट जाएगी। भाजपा पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के खिलाफ एचपीसीए मामले में अभियोजन मंजूरी के राज्यपाल के निर्णय को चुनौती देगी।
भाजपा के प्रवक्ता गणेश दत्त ने कहा कि इस पर विचार-विमर्श चल रहा है। इस निर्णय में राज्यपाल ने सोचा तक नहीं है। गणेश दत्त ने वीरवार को पत्रकार वार्ता में कहा कि दो अप्रैल का दिन हिमाचल के इतिहास में काला दिन कहलाएगा।
इस दिन नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के खिलाफ राज्यपाल ने अभियोजन मंजूरी दी।
एक कार्यवाहक मुख्य सचिव फाइल लेकर राजभवन जाते हैं और बिना कुछ देखे-परखे राज्यपाल इस पर अभियोजन मंजूरी दे देती हैं। ये गलत है।
तो फिर पूरे मंत्रिमंडल को बनाओ आरोपी
गण्ाेश्ा दत ने कहा कि जिस एचपीसीए मामले को लेकर यह मंजूरी दी गई है, उससे संबंधित निर्णय को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री के अलावा पूरा तत्कालीन मंत्रिमंडल शामिल रहा है।
ऐसे में केवल तत्कालीन मुख्यमंत्री के खिलाफ ही साजिशन मुकदमा शुरू करने की यह कवायद केवल राजनीतिक षड्यंत्र है। गणेश दत्त ने कहा कि भाजपा इस मामले को लेकर प्रदेश की जनता के बीच जाएगी।
सच्चाई से अवगत करवाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह खुद भ्रष्टाचार के मकड़जाल में फंस गए हैं, इसलिए प्रेम कुमार धूमल को घेरने की कोशिश कर रहे हैं।
वीरभद्र सिंह के खिलाफ सागर कत्था मामले में अभियोजन मंजूरी का मामला बिलकुल अलग था। यह एक व्यक्ति से जुड़ा था। एचपीसीए में ऐसा-वैसा कुछ नहीं हुआ है।
तो सोमवार से पहले पेश नहीं होगा चालान
हिमाचल सरकार की ओर से महाधिवक्ता ने हाईकोर्ट में कहा है कि विजिलेंस अगली सुनवाई तक एचपीसीए केस में चालान दायर नहीं करेगी।
केस की सुनवाई सोमवार 7 अप्रैल को है। वीरवार को महाधिवक्ता ने यह बयान उस समय दिया, जब एचपीसीए की ओर से पेश हुए वकील ने मामले की सुनवाई जल्द किए जाने का आग्रह किया।
एचपीसीए की ओर से कहा गया कि महाधिवक्ता ने पहले ये भी ऐसी बात कही थी, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स बताती हैं कि विजिलेंस चालान पेश करने की जल्दी में है और राज्यपाल से भी अभियोजन मंजूरी ले ली गई है।
इसलिए केस की सुनवाई जल्द की जाए।
सात अप्रैल को होगी सुनवाई
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर ने इस आग्रह को नामंजूर करते हुए कहा कि ये मामला पहले ही 7 अप्रैल को सुनवाई के लिए निर्धारित है, इसलिए उसी दिन इसकी सुनवाई होगी।
दूसरी ओर, विजिलेंस ने इस केस में चालान पेश करने की तैयारी पूरी कर ली है। पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल और धर्मशाला नगर परिषद के पूर्व ईओ आरएस वर्मा के खिलाफ अभियोजन मंजूरी वीरवार को विजिलेंस को मिल गई थी।
अफसरों के खिलाफ मंजूरी भी कार्मिक विभाग से भेजी जा रही थी। एक दो दिन के भीतर ये प्रक्रिया भी पूरी हो जाएगी।
दिल्ली से मंजूरी मिलने के बाद अनुपूरक चालान बाद में दिया जा सकता है। वीरवार को इस बारे में गृह विभाग और विजिलेंस के अफसरों के बीच दिन भर बातचीत होती रही।