'चुनाव नजदीक आते ही वीरभद्र सरकार को आई दालों की याद'
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भाजपा ने कहा कि विधानसभा चुनाव निकट आते ही प्रदेश सरकार ने मंत्रिमंडल की बैठक में सभी राशन कार्ड परिवारों को तीन दालें देने का प्रस्ताव पारित किया है। गणेश दत्त ने कहा कि प्रदेश की सरकार गरीबों की हितैषी होने का नाटक करती रहती है।
लेकिन गरीब जनता के प्रति सरकार का रवैया निराशाजनक है। पार्टी उपाध्यक्ष ने कहा कि प्रेम कुमार धूमल की सरकार ने प्रदेश के सभी राशन कार्ड धारकों को तीन दालें, दो प्रकार के तेल और एक नमक की थैली हर माह देने की योजना बनाई थी।
इसके तहत हर कार्ड धारक खासकर गरीब तबके को नमक, दाल के साथ रोटी खाने की सहायता प्रदान की थी, लेकिन वर्तमान वीरभद्र सरकार ने गरीब की थाली से दाल और सस्ता तेल छीन लिया था और लगभग 45 महीनों से जनता को फ ीके सब्जबाग ही दिखाए जा रहे हैं।
चुनाव नजदीक आते ही पता लग रहा दाल का भाव
पार्टी ने आरोप लगाया कि जैसे-2 चुनाव का समय नजदीक आ रहा है सरकार को दाल का भाव पता चल रहा है। इसलिए कैबिनेट ने तीन दालों की पूर्व सरकार की योजना को शुरू करने का निर्णय लिया है। भाजपा ने आरोप लगाया है कि वह हर काम को चुनाव की दृष्टि से देखती है तथा जनता की समस्या से उसका कोई सरोकार नहीं होता है।
पार्टी ने कहा कि पूर्व सरकार ने कम छात्रों के स्कूलों का रेशनालाइजेशन किया था और वीरभद्र सिंह कहते थे कि जहां दो बच्चे पढ़ने वाले होंगे, वहां भी स्कूल खोलूंगा। अब वे कह रहे हैं कि जहां कम बच्चे होंगे वहां स्कूल नहीं खोले जाएंगे और कम बच्चों वाले स्कूलों को बंद कर दिया जाएगा।