तपोवन में सीएम के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन करेगी भाजपा
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भाजपा शीतकालीन सत्र के दौरान 2 दिसंबर को ‘वीरभद्र हटाओ प्रदेश बचाओ’ अभियान को लेकर विधानसभा के समीप जोरावर स्टेडियम में विरोध प्रदर्शन करेगी। प्रदर्शन में प्रदेश भर से 10 हजार कार्यकर्ताओं को जुटाने का लक्ष्य है। इस सिलसिले में नगरोटा बगवां में कांगड़ा संसदीय क्षेत्र के प्रमुख नेताओं, सभी संगठनात्मक जिला अध्यक्षों, मंडल अध्यक्षों और अन्य वरिष्ठ कार्यकर्ताओं की बैठक में रणनीति बनाने के बाद प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सतपाल सत्ती ने इसका खुलासा किया।
उन्होंने कहा कि रैली-प्रदर्शन की मुख्य कमान प्रदेश भाजपा महामंत्री विपिन सिंह परमार, पूर्व मंत्री किशन कपूर और संगठनात्मक जिला कांगड़ा संजय चौधरी के हाथ रहेगी। संसदीय क्षेत्र कांगड़ा-चंबा से कार्यकर्ताओं को लाने के लिए सभी मंडलों में प्रभारी नियुक्त किए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पर ईडी और सीबीआई द्वारा जो केस दर्ज किए गए हैं, इसके मद्देनजर प्रदेश भाजपा ने नैतिकता के आधार पर उनसे इस्तीफे की मांग की थी।
लेकिन सीएम नैतिकता को दरकिनार कर इन केसों को मैनेज करने में लगे हैं। इस मौके पर पूर्व मंत्री किशन कपूर, सरवीण चौधरी, विपिन सिंह परमार, प्रवीण शर्मा, हिमांशु मिश्रा, डीएस ठाकुर, विनय शर्मा, संजय चौधरी, डॉ. नरेश विरमानी और अरुण मेहरा आदि उपस्थित रहे।
शांता से शालीनता सीखें वीरभद्र- सतपाल सत्ती ने विस सत्र के दौरान प्रतिपक्ष की भूमिका पर पूछे गए एक प्रश्न पर गेंद सत्तापक्ष के पाले में डाल दी। उन्होंने कहा कि यह सब सत्तापक्ष के व्यवहार पर निर्भर करेगा। वीरभद्र सिंह शायद स्वयं शांतिपूर्वक सत्र चलाने को गंभीर नहीं हैं, क्योंकि सत्र से पूर्व उन्होंने स्वयं ही बेतुके बयानों से इसकी भूमिका तैयार करनी आरंभ कर दी है। उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह को शांता कुमार से शालीनता की सीख लेनी चाहिए और प्रेम कुमार धूमल पर द्वेष भावना से गुरेज करना चाहिए।
शीत सत्र के लिए 29 को धर्मशाला में रणनीति बनाएगी भाजपा
भाजपा के प्रदेश महामंत्री रणधीर शर्मा ने बताया कि शीतकालीन सत्र के लिए भाजपा विधायक दल की बैठक 29 नवंबर को धर्मशाला में होगी। उन्होंने कहा कि एक तरफ तो मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह विपक्ष की तुलना भैंस से कर रहे हैं और दूसरी तरफ शीतकालीन सत्र चलाने के लिए सहयोग मांग रहे हैं। इससे लगता है कि मुख्यमंत्री स्वयं नहीं चाहते हैं कि विधानसभा सत्र ठीक से चले।
रणधीर शर्मा ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री अपने गुनाहों व अपनी कमियों को छिपाने के लिए भाजपा नेताओं पर निराधार आरोप लगा रहे हैं। वीरभद्र सिंह पर भ्रष्टाचार व आय से अधिक संपत्ति के आरोप कांग्रेस नेतृत्व वाली यूपीए सरकार के समय से ही हैं। अगर वीरभद्र सिंह और उनके परिवार के सदस्यों ने कुछ गलत नहीं किया है तो वह घबरा क्यों रहे हैं?
इंसान जैसा खुद होता है, दूसरे भी वैसे ही लगते हैं- रणधीर शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल, सांसद अनुराग ठाकुर और भाजपा विधायकों के बारे में अपशब्द कहते रहते हैं। आपत्तिजनक टिप्पणियां करते हैं। भाजपा नेताओं को बदतमीज कहते हैं। ऐसा कहकर वे इस कहावत को चरितार्थ कर रहे हैं कि इंसान जैसा खुद होता है, उसे दूसरे भी वैसे ही लगते हैं।
विधानसभा में गूंजेगा वीरभद्र मामला, भाजपा विधायकों ने लगाए सवाल
हिमाचल प्रदेश विधानसभा में वीरभद्र मामला प्रमुखता से गूंजेगा। भाजपा विधायकों की ओर से इस संबंध में सवाल लगा दिए गए हैं। मानसून सत्र के बाद इस बार शीत सत्र भी हंगामेदार रहने के आसार हैं। विधानसभा अध्यक्ष बृज बिहारी लाल बुटेल 30 नवंबर को एक सर्वदलीय बैठक लेंगे। इसमें सदन के नेता मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल दोनों को बुलाया जाएगा।
प्रदेश विधानसभा का शीत सत्र सोमवार को शुरू होने जा रहा है। यह दोपहर दो बजे के बाद होगा। उससे पहले विधानसभा के अध्यक्ष बुटेल सर्वदलीय बैठक लेंगे। 30 नवंबर को शुरू होने जा रहा यह शीतकालीन सत्र धर्मशाला के तपोवन में चार दिसंबर तक चलेगा। इसकी कुल पांच बैठकें होनी हैं।
हाल ही में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के खिलाफ सीबीआई और ईडी में मामले दर्ज होने के कारण ये हंगामेदार रहेंगी। सोमवार को प्रदेश विधानसभा सचिवालय के सूत्रों से सूचना मिली कि कुछ भाजपा विधायकों ने कई तरह के सवाल पूछे हैं। इनमें से कुछ ने वीरभद्र मामले पर भी सवाल पूछे हैं।
इस कैलेंडर वर्ष में भी पूरी नहीं होंगी विधानसभा की बैठकें- इस कैलेंडर वर्ष में भी हिमाचल प्रदेश विधानसभा की निर्धारित बैठकों के पूरा होने के आसार कम हैं। इन 35 बैठकों में से केवल 34 के ही पूरा होने के आसार हैं। प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में तपोवन में पांच बैठकें होंगी। अगर सभी बैठकें ठीक से संपन्न हो गईं तो भी निर्धारित से एक बैठक कम पड़ेगी। वर्ष 2014 में महज 26 बैठकें ही हो पाई थीं जबकि वर्ष 2013 में 35 बैठकें ही हुईं।
अब तक मिले डेढ़ सौ सवाल, इनमें से आधे आए ऑनलाइन- विधानसभा अध्यक्ष बृज बिहारी लाल बुटेल ने कहा कि विधायकों के अब तक लगभग डेढ़ सौ सवाल मिल चुके हैं और इनमें से आधे ऑनलाइन आए हैं। ऑनलाइन सवालों की रफ्तार बढ़ गई है। ये ज्यादा आने लगे हैं।
बुटेल ने कहा कि ई-विधान के लिए सारी आवश्यक सामग्री धर्मशाला के लिए भेज दी गई है। इलेक्ट्रानिक सामग्री भी इसमें शामिल है। धर्मशाला में भी ई-विधान के माध्यम से ही सत्र चलेगा। उन्होंने कहा कि वह सदन की कार्यवाही को शांतिपूर्ण तरीके से चलाने को काफी प्रयासरत रहेंगे।