फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   BJP MLA Ravindra Ravi Suspended From HP Vidhansabha.

विधानसभा में माइक तोड़ने पर भाजपा विधायक सस्पेंड, माफी मांगने पर हुए बहाल

Thu, 25 Aug 2016 12:01 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Thu, 25 Aug 2016 12:01 AM IST
विज्ञापन
BJP MLA Ravindra Ravi Suspended From HP Vidhansabha.
रविंद्र सिंह रवि को बुधवार को सदन से इस मानसून सत्र की आखिरी बैठक से सस्पेंड कर दिया गया। - फोटो : अमर उजाला

हिमाचल विधानसभा में माइक तोड़ने पर भाजपा विधायक रविंद्र सिंह रवि को बुधवार को सदन से इस मानसून सत्र की आखिरी बैठक से सस्पेंड कर दिया गया। हालांकि, रवि ने सदन में खेद जताया तो करीब पौने दो घंटे बाद उनका निलंबन रद्द कर दिया गया।

विज्ञापन


वे टूटे माइकों की मरम्मत करने को भी तैयार हो गए। जब स्पीकर बृज बिहारी लाल बुटेल ने भाजपा विधायक रविंद्र रवि को सदन से बाहर जाने को कहा तो खूब हंगामा हुआ। रवि सदन से बाहर नहीं गए। लगभग एक घंटे के लिए सदन की कार्यवाही बंद रही।
विज्ञापन


मानसून सत्र के तीसरे दिन बुधवार को प्रश्नकाल नहीं चल पाया। स्पीकर प्रश्नकाल की घोषणा करने वाले ही थे कि कांग्रेस विधायक संजय रतन और अजय महाजन ने उनसे माइक तोड़ने पर की कार्रवाई की जानकारी देने को कहा।
विज्ञापन
विज्ञापन


स्पीकर ने बताया कि विधानसभा सदस्य का व्यवहार सभा के नियमों के खिलाफ रहा है। सदन की सहमति हो तो उन्हें 24 जुलाई की बैठक से लेकर विधानसभा के मानसून सत्र के समापन तक निलंबित किया जाता है। इसके बाद बुटेल ने रविंद्र रवि को सदन से बाहर जाने को कहा।

बुटेल ने कहा कि वे इस मानसून सत्र में सदन में वापस नहीं आएंगे। नेता प्रतिपक्ष प्रेमकुमार धूमल ने कहा कि क्या निलंबन के ऑर्डर पहले ही लिखे गए थे। मुख्य सचेतक सुरेश भारद्वाज ने कहा कि विधायक को पहले स्पष्टीकरण देने का मौका दिया जाना चाहिए था।

स्पीकर बोले, ऐसे मामले में नहीं बहस की जरूरत

BJP MLA Ravindra Ravi Suspended From HP Vidhansabha.
विधानसभा को जाते मंत्री अनिल शर्मा - फोटो : अमर उजाला

बुटेल ने कहा कि घटना के बाद ही आदेश लिखे गए। नियम सात में स्पष्ट है कि ऐसे मामले में किसी शिकायत या बहस की जरूरत नहीं होती। नियम 75 में स्पीकर ऐसी कार्रवाई के लिए कंपीटेंट हैं। इसी बीच, सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायकों में हल्की नोंकझोंक होती रही।

भाजपा विधायक रिखीराम कौंडल ने सीएम वीरभद्र सिंह और संसदीय कार्यमंत्री से बड़ा दिल रखने की बात की, मगर वे नहीं माने। भाजपा विधायक जयराम ठाकुर ने कहा कि दो मिनट का समय देकर रविंद्र रवि को अपनी बात रखने का मौका दें।

स्पीकर ने कहा कि हाउस को पूछकर ही अब इसकी समीक्षा कर सकते हैं। शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा ने कहा कि इस बारे में निर्णय वापस नहीं लिया जाना चाहिए। भाजपा विधायक दल के मुख्य सचेतक सुरेश भारद्वाज ने कहा कि रविंद्र रवि पांच बार विधायक रहे हैं।

ऐसी बात प्रदेश के लिए ठीक नहीं हैं। इस आदेश को वापस लें। स्पीकर ने पौने 12 बजे सदन की बैठक को दस मिनट के लिए स्थगित करने की घोषणा की। इसके बाद स्पीकर बुटेल के कार्यालय में सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों में चर्चा हुई।

रविंद्र रवि भी उनके कार्यालय में गए। करीब पौने घंटे बाद 12 बजकर 40 मिनट पर ही सदन की कार्यवाही फिर से शुरू हो पाई। रविंद्र रवि ने कंडीशनल एपोलॉजी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ऐसे में सदन उनके निलंबन पर पुनर्विचार करे।

वीरभद्र बोले - स्पीकर ने धर्म संकट में डाल दिया

BJP MLA Ravindra Ravi Suspended From HP Vidhansabha.

सीएम वीरभद्र सिंह बोले - स्पीकर ने उन्हें धर्म संकट में डाल दिया है। इन्हें स्पीकर ने ही सस्पेंड किया था। मामले को खत्म किया जाए, मगर विधायक से माइक की रिप्लेसमेंट का खर्चा लिया जाए।

इसके बाद मंत्री सुधीर शर्मा ने भी सदन से अपील की कि इस मामले को खत्म किया जाए। इसके बाद ध्वनिमत से विपक्ष के सदस्यों ने इस अपील का समर्थन किया, जबकि सत्तापक्ष मौन रहा। सब सदस्यों की सहमति के बाद निलंबन वापस लिया गया।

इसके बाद रविंद्र रवि ने सदन का आभार जताते हुए कहा कि उन्हें इस बात का खेद है। उनके भीतर न जाने क्या शक्ति आ गई। इस छोटी सी घटना की भरपाई अगर सरकार नहीं कर पाएगी तो वह इसे वहन करने को तैयार हैं।

सदन में आमने-सामने आए वीरभद्र-धूमल, जमकर बहस

BJP MLA Ravindra Ravi Suspended From HP Vidhansabha.

मानसून सत्र के तीसरे दिन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल के बीच जमकर बहस हुई। दोनों नेताओं ने एक-दूसरे पर जमकर आरोप लगाए। सीएम ने सत्ता में रहने के दौरान धूमल पर द्वेष की भावना से मुकदमे दर्ज करने का आरोप लगाया। वहीं, धूमल ने भी मुख्यमंत्री पर गलत मामले बनाकर कार्रवाई करने का आरोप लगाया। करीब पंद्रह मिनट दोनों के बीच बहस चली।

धूमल ने दिया जवाब, आरामदेह कुर्सी है आराम से बैठिए। इसके बाद सीएम के मजाकिया लहजे में हाथ जोड़ने के बाद मामला शांत हुआ। दरअसल, नियम 130 के तहत कानून व्यवस्था को लेकर चर्चा के दौरान विधायक रणधीर शर्मा सरकार के अस्तित्व पर सवाल उठा रहे थे। रणधीर की ओर से सीएम के मामलों का जिक्र करते ही मुख्यमंत्री भड़क उठे। सीएम ने धूमल और उनके बेटे पर जबरन फंसाने का आरोप लगा दिया।

इस पर धूमल ने कहा - पहले सीएम कहते थे कि धूमल की कोई नहीं सुनता और अब आप कह रहे कि मेरी चल रही। इस बीच, सीएम ने शांता का नाम लेकर धूमल की कार्यशैली पर सवाल उठाए तो धूमल बोले - मुख्यमंत्री खुद द्वेष भाव से काम कर रहे हैं। जिस व्यक्ति ने उनके खिलाफ शिकायत की, उसे इसी सरकार ने बड़ा ओहदा दे दिया। बोले - षड्यंत्र हम रच रहे हैं, लेकिन फायदा इनका हो रहा है। जांच के बाद साफ हो जाएगा कि इस्पात मंत्री रहने के दौरान सीएम के बागों से करोड़ों के सेब कैसे निकल गए। उससे पहले और बाद में कुछ लाख के ही सेब होते थे।

रणधीर से भी तू-तू मैं-मैं
प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान रणधीर शर्मा से भी सीएम की कई बार तू-तू, मैं-मैं हो गई। सरकार के वेंटिलेटर पर होने और उसके अस्तित्व पर सवाल उठाने पर सीएम ने रणधीर को बदतमीज तक कह डाला। खुद पर चल रहे मामलों की जांच पर सीएम ने कहा कि सच्चाई सामने आएगी। रणधीर ने कहा कि जांच के बाद सच सामने आएगा कि सेब स्कूटर पर बिकने गए या फिर ट्रक में ले जाए गए। महेश्वर सिंह से भी सीएम की हल्की नोंकझोंक हुई।

ये रही विधानसभा की कुछ खास झलकियां

BJP MLA Ravindra Ravi Suspended From HP Vidhansabha.

बुटेल बोले - सदन की कार्यवाही से हटाए नाम
भाजपा के मुख्य सचेतक सुरेश भारद्वाज ने कहा कि मंगलवार को सदन के नेता ने सदन में वित्त मंत्री और अनुराग ठाकुर के नाम लिए, जबकि ऐसा नहीं हो सकता। नाम लेकर चर्चा नहीं की जा सकती। हम कहते रहे कि इन्हें कार्यवाही से हटा दो, मगर ऐसा नहीं किया गया। इस पर बुटेल बोले - ये नाम कार्यवाही से हटा दिए जाते हैं।

कांग्रेस विधायकों ने की धींगामुश्ती : डॉ. बिंदल
विधायक रविंद्र रवि के निलंबन के आदेश पर नाहन के भाजपा विधायक डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि मुख्यमंत्री ने जो भाजपा विधायकों पर टिप्पणी की, उस पर चर्चा को इजाजत नहीं दी गई। इसी से माहौल खराब हुआ। अगर विपक्ष की जरूरत ही नहीं है तो सत्र को बुलाने की भी जरूरत नहीं है। पिछली बार विपक्ष में कांग्रेस विधायकों ने तो धींगामुश्ती तक की थी, उस पर तो कुछ ऐसा नहीं हुआ था।

एक आंख बंद रहे तो इस पर आपत्ति : धूमल
रविंद्र रवि के निलंबन को खत्म करने की बात करते हुए नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल ने कहा - आंखों के सामने जो होता है, उस पर ऑर्डर की बात हो रही है, मगर जब एक आंख बंद रहे तो इस पर आपत्ति है। एक बार पहले जब कागज सचिव पर फेंके गए थे और उंगली तोड़ी तो वो भी आंखों के सामने हुआ। इस पर गगरेट के विधायक राकेश कालिया बोले - उन्होंने तो तब हाथ भी नहीं मिलाया था। इस बीच, स्पीकर बुटेल बोले - किसी का नाम आ गया तो उसे एक्सपंज कर देेते हैं। धूमल बोले - आप तो दिल तोड़ रहे हैं।

प्रदेश के मंदिरों में इतना सोना और चांदी

BJP MLA Ravindra Ravi Suspended From HP Vidhansabha.

हिमाचल के 36 मंदिरों में 1 क्विंटल, 30 किलो, 908 ग्राम और 933 मिलीग्राम सोना है। 27 क्विंटल, 72 किलो, 360 ग्राम और 083 मिलीग्राम चांदी है। धनराशि की बात की जाए तो इन मंदिरों में 2 अरब 84 करोड़, 26 लाख 27 हजार 495 रुपये, 01 पैसा है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने यह जानकारी चिंतपूर्णी के विधायक कुलदीप कुमार के लिखित प्रश्न के उत्तर में दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह राशि प्रदेश हिंदू सार्वजनिक धार्मिक संस्थान एवं पूर्त विन्यास अधिनियम 1984 की अनुसूचि -1 में शामिल अधिसूचित 36 मंदिरों का यह धन बैंक में जमा है। कहा कि मंदिरों की जमा धनराशि का उपयोग मंदिरों में आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं जैसे ठहरने वाले यात्री, लंगर, पीने का पानी, सड़क व्यवस्था, बिजली व्यवस्था, चिकित्सा और मंदिर के सुधार में व्यय की जाती है। इसके अलावा हिंदू सार्वजनिक धार्मिक संस्थान एवं पूर्त विन्यास अधिनियम 1984 के संशोधन 2010 एवं 2011 के अनुसार सोना-चांदी का सदुपयोग किया जाता है।

निगम-बोर्डों के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष के वेतन भत्तों पर खर्चे करोड़ों

BJP MLA Ravindra Ravi Suspended From HP Vidhansabha.

हिमाचल सरकार ने बीते तीन साल के भीतर निगम और बोर्डों में करोड़ों रुपये खर्च कर दिए हैं। निगम, बोर्डों के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के वेतन, टीए/डीए में 2,92,33,106 करोड़, जबकि स्टाफ के वेतन तथा टीए/डीए में 4,09,21,792 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। कुल मिलाकर अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और स्टाफ के टीए तथा डीए में 7,01,54, 898 करोड़ रुपये खर्च आया है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने यह जानकारी भाजपा विधायक विजय अग्निहोत्री की ओर से पूछे गए प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।

प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने अध्यक्ष समेत स्टाफ के वेतन और डीए/डीए में 82,54,393 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। अन्य निगम बोर्डों की अपेक्षा यह बोर्ड पहले नंबर पर है। राज्य वन विकास निगम दूसरे स्थान पर है। इसमें उपाध्यक्ष और स्टाफ के वेतन, डीए/डीए में 60,62,162 लाख रुपये, जबकि तीसरे नंबर पर राज्य समाज कल्याण बोर्ड है। इसमें अध्यक्ष और स्टाफ के वेतन के अलावा टीए/डीए में 52, 01,393 लाख रुपये खर्चे गए हैं।

चौथे नंबर पर प्रदेश अन्य सननिर्माण कामगार कल्याण बोर्ड है। इस बोर्ड के अध्यक्ष सहित स्टाफ के वेतन और टीए/डीए पर 39,59,849 रुपये खर्च किए गए। पांचवें नंबर पर प्रदेश पूर्व सैनिक निगम है। इसमें अध्यक्ष और स्टाफ के वेतन और टीए/डीए पर 38,83,163 लाख रुपये खर्चे गए हैं।  

11 निगम बोर्ड चल रहे हैं घाटे में
हिमाचल में इस समय 11 निगम और बोर्ड घाटे में चल रहे हैं। इनमें उद्यान उपज विपणन एवं विधायन निगम सीमित, अनुसूचित जाति एवं जनजाति विकास निगम, अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास निगम, राज्य वन विकास निगम, परिवहन निगम, पर्यटन विकास निगम, प्रदेश वित्तीय निगम, राज्य विद्युत परिषद लिमिटेड, एग्रो इंडस्ट्रीज निगम सीमित, हस्तशिल्प एवं हथ करघा निगम सीमित और राज्य सहकारी दुग्ध उत्पादक प्रसंघ शिमला शामिल हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed