सीएम के कार्यकम में पहुंचे अनिल शर्मा, सीट नहीं मिली तो घर लौटे
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लोकसभा चुनावों में पुत्रमोह के चलते भाजपा के प्रचार से दूर रहे विधायक अनिल शर्मा को आभार रैली में कुर्सी न मिलने पर बैरंग लौटना पड़ा। बुधवार को सेरी मंच पर जिला भाजपा मंडी ने आभार रैली रखी थी। मुख्यमंत्री के स्वागत को अनिल शर्मा भी अचानक पहुंच गए।
रैली स्थल पर भाजपा के किसी पदाधिकारी और कार्यकर्ता ने अनिल शर्मा से बातचीत नहीं की। न ही उन्हें बैठने के लिए कुर्सी दी। इस पर अनिल शर्मा चुपचाप लौट गए। सेरी मंच पर पहुंचने से पहले पुलघराट के पास अनिल शर्मा सीएम का स्वागत करने पहुंचे थे। वहां अनिल शर्मा ने सीएम का स्वागत किया और सीएम ने भी स्वागत का औपचारिक जवाब दिया।
गौरतलब है कि बेटे आश्रय को कांग्रेस से लोकसभा चुनावों का टिकट मिलने के बाद अनिल शर्मा ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने बेटे के लिए प्रचार न करने की बात भी कही थी। धर्मसंकट का हवाला देकर उन्होंने पार्टी निर्देशों के बावजूद मंडी में प्रधानमंत्री की रैली तक से दूरी बनाए रखी।
अनिल शर्मा ने कहा कि वह सदर के भाजपा विधायक हैं। इस नाते पार्टी के कार्यक्रम में गए थे। आगे क्या करना है। प्रदेश सरकार और संगठन को ही तय करना है। सेरी मंच पर भी गया था। सभी मंत्री और विधायक वहां मौजूद थे। वहां कुर्सियों पर नाम लगे थे। लेकिन वहां मेरा नाम की कोई कुर्सी नहीं थी। कार्यक्रम में कोई खलल ना पड़े इसी मकसद से मैं वापस आ गया।
सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि अनिल भाजपा के विधायक हैं। स्वागत कर सकते हैं। आज अनिल अगर लोकसभा चुनावों में पार्टी के साथ चलते तो इस कार्यक्रम का हिस्सा होते। लेकिन कैलकुलेशन अपने-अपने हिसाब से होती है। सीएम ने कहा कि अनिल शर्मा से बात नहीं हुई है। नमस्कार हुआ है। आगे क्या होगा, यह भविष्य में तय किया जाएगा।
नए मंत्री को ही मिलेगी अनिल की सरकारी कोठी
पूर्व ऊर्जा मंत्री अनिल शर्मा की सरकारी कोठी फिलहाल खाली रहेगी। यह आवास चेयरमैन और वाइस चेयरमैन को अलॉट नहीं होगा। सरकार में बनने वाले नए मंत्री को ही यह कोठी दी जाएगी। सचिवालय सामान्य प्रशासन के पास इस कोठी के लिए कइयों ने आवेदन कर रखे हैं। लेकिन सरकार ने स्थिति क्लीयर कर ली है कि जिसे जो आवास पहले अलॉट हुआ है, उन्हें उसी आवास में रहना होगा।
सरकार में नए मंत्री की तैनाती होगी, यह आवास उन्हें दिया जाएगा। खाद्य नागरिक एवं उपभोक्ता मामले मंत्री किशन कपूर का सरकारी आवास भी खाली होना है। वह कांगड़ा संसदीय क्षेत्र से सांसद बने हैं। शपथ लेने से पहले वह पद से इस्तीफा देंगे, उसके बाद उनका भी सरकारी आवास खाली होगा।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की जब सरकार बनी थी तो उस समय भी सचिवालय में कमरों और सरकारी कोठियों के लिए अफरा-तफरी मची थी। ओहदेदार पसंद की कोठी पाने के लिए मुख्यमंत्री पर दबाव बनाते रहे हैं। कोठियों और कार्यालय में मंत्रियों की तैनाती किए जाने पर करीब दो महीने का समय लग गया था। इससे सबक लेते हुए जयराम सरकार किसी की कोठी शिफ्ट करने के पक्ष में नहीं हैं।