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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   BJP leader Prem Kumar Dhumal reaction on vigilence notice.

बार-बार विजिलेंस नोटिस से भड़के धूमल, कहा-जब्त करो संपत्ति

Tue, 17 May 2016 12:00 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Tue, 17 May 2016 12:00 AM IST
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BJP leader Prem Kumar Dhumal reaction on vigilence notice.
धूमल ने कहा कि वे सात मई को अपनी संपत्ति का ब्योरा दे चुके हैं। - फोटो : फाइल फोटो

आय से अधिक संपत्ति के मामले में विजिलेंस ब्यूरो के बार-बार नोटिस भेजे जाने से नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल भड़क गए हैं। विजिलेंस ने एक बार फिर धूमल को रिमाइंडर भेजा तो उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया दी। धूमल ने कहा कि वे सात मई को अपनी संपत्ति का ब्योरा दे चुके हैं।

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लेकिन बार-बार पत्राचार कर उनसे सूचना मांगी जा रही है। धूमल ने कहा कि विजिलेंस ने उन्हें आज तक शिकायत की कॉपी तक नहीं दी है। सूत्रों की मानें तो धूमल को अब तक तीन से अधिक बार विजिलेंस ब्यूरो जवाब भेजने के लिए नोटिस भेज चुका है। उन्होंने कहा कि यदि उनकी घोषित संपत्ति के अलावा कहीं भी प्रदेश में या बाहरी राज्य में कोई भी संपत्ति सरकार के ध्यान में आती है तो उसे जब्त करे।
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धूमल ने सोमवार को जारी बयान में कहा कि विजिलेंस ब्यूरो को एक ताजा पत्र भेज गया है, जिसमें लिखा गया है कि उनके खिलाफ की जा रही कार्रवाई लोकायुक्त के फैसले की अवमानना है। ये एक रहस्य बना हुआ है कि विजिलेंस ब्यूरो आज तक शिकायत की प्रति उन्हें नहीं दे सका है।

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पहले भी बंद की जा चुकी ऐसी ही एक शिकायत

BJP leader Prem Kumar Dhumal reaction on vigilence notice.
पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल

धूमल ने कहा कि विजिलेंस ब्यूरो लोकायुक्त प्राधिकरण से ऊपर नहीं है। कानूनी तौर पर बगैर किसी साक्ष्य और एफिडेविट से प्राप्त शिकायत पर ऐसी कार्रवाई नहीं की जा सकती। धूमल ने कहा कि ये शिकायत डिप्टी एडवोकेट जनरल के पद पर कार्यरत अधिवक्ता विनय शर्मा ने की है। इसके साथ न तो कोई साक्ष्य दिए गए हैं और न ही एफिडेविट ही हैं।  

धूमल ने कहा कि उनके खिलाफ जानबूझकर किसी पूर्वाग्रह से ये शिकायत की गई है और उसी की एवज में शिकायतकर्ता को सरकारी पद पर बैठाया गया है। उन्होंने कहा कि ऐसी ही शिकायत वर्ष 2009 में एक आईपीएस अधिकारी स्वर्गीय बीएस थिंड की ओर से उनके खिलाफ लोकायुक्त हिमाचल प्रदेश में भी की गई थी।

इसे लोकायुक्त ने जांच के बाद निराधार पाकर बंद कर दिया था। धूमल ने कहा कि वे पहले ही प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर अब तक प्रदेश में रहे तमाम मुख्यमंत्रियों की संपत्तियों की सीबीआई जांच की मांग उठा चुके हैं। वर्तमान मुख्यमंत्री से भी मीडिया के माध्यम से वे कई बार आग्रह कर चुके हैं। उनकी घोषित संपत्ति के अलावा कहीं भी प्रदेश में या बाहरी राज्य में कोई भी संपत्ति सरकार के ध्यान में आती है तो उसे जब्त करे।

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