Shimla News: कांग्रेस की प्यारी बहना योजना के खिलाफ चुनाव आयोग पहुंची भाजपा
मंगलवार को नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने भाजपा विधायकों के साथ राज्य मुख्य निर्वाचन अधिकारी को शिकायत पत्र सौंप कर सरकार पर चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगाया।
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कांग्रेस सरकार की प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना के खिलाफ भाजपा चुनाव आयोग पहुंच गई हैं। मंगलवार को नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने भाजपा विधायकों के साथ राज्य मुख्य निर्वाचन अधिकारी को शिकायत पत्र सौंप कर सरकार पर चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगाया। जयराम ठाकुर ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को बताया कि कांग्रेस सरकार चुनावों के दौरान नारी शक्ति योजना के फॉर्म भरवा रही है, जिसके तहत महिलाओं को 1500-1500 दिए जाने हैं। फॉर्म पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की फोटो लगी है। विधानसभा चुनावों के समय भी कांग्रेस ने इस तरह के फॉर्म भरवाए थे।
प्रदेश भर में लगे श्रीराम और श्रीराम मंदिर के पोस्ट बैनर हटाए जा रहे हैं जिसका किसी दल से कोई लेना-देना नहीं है, जबकि कांग्रेस नेताओं के पोस्टर नहीं हटे हैं। भाजपा ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी से तुरंत योजना के फार्म भरने की प्रक्रिया बंद करवाने की मांग की। उधर मंगलवार को कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की राज्य कमेटी का प्रतिनिधिमंडल भी राज्य सचिव मंडल सदस्य संजय चौहान की अगुवाई में मंगलवार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मिला और प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना को बदस्तूर जारी रखने की मांग की। तर्क दिया कि यह योजना कुछ महीने पहले लाहौल-स्पीति जिला से लागू हो चुकी है और हजारों महिलाएं इस योजना के लिए फार्म भरवा चुकी हैं।
संबंधित विभाग से मांगा स्पष्टीकरण : गर्ग
मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनीष गर्ग ने बताया की योजना को लेकर संबंधित विभाग से 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है। विभाग की ओर से स्थिति स्पृष्ट होने के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी। किसी भी हाल में चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन नहीं होने दिया जाएगा।
भाजपा 'काम रोको' पार्टी बन चुकी: सुक्खू
वहीं, मुख्यमंत्री सुक्खू ने सोशल मीडिया पर भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट में लिखा- भाजपा 'काम रोको' पार्टी बन चुकी है। राजस्थान में सरकार बनते ही ओपीएस रोक दी। हिमाचल में ओपीएस रोकने के लिए सरकार गिराने की कोशिश की। अब माताओं-बहनों को आर्थिक मदद रोकने की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं। पैसा फेंको, सरकार गिराओ, काम रोको की संस्कृति हिमाचल में नहीं चलेगी।