हिमाचल विस चुनाव: टिकट आवंटन के लिए भाजपा ने करवाया सर्वे, बन गया मुसीबत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चुनावी मोड में आ चुकी भाजपा के लिए वे विधानसभा सीटें मुसीबत बन गई हैं, जहां पार्टी प्रत्याशी कद्दावर कांग्रेस नेताओं से हारते रहे हैं। आधा दर्जन से ज्यादा ऐसी सीटें हैं, जहां भाजपा या तो कभी जीती नहीं या फिर उसकी जीत सुनिश्चित नहीं है।
जाहिर है टिकट वितरण से पहले पार्टी कई चरणों में सर्वे करवा कर प्रत्याशियों की स्थिति टोह ले रही है। हालात यह हैं कि उसके पास अब भी कई ऐसी सीटें हैं, जिनके लिए उसके पास जिताऊ तो दूर, कांग्रेस प्रत्याशियों को टक्कर देने वाले प्रत्याशी तक नहीं हैं।
पार्टी के पास दावेदार तो कई हैं, लेकिन..
हाल में हुए सर्वे में कई ऐसी सीटें सामने आईं, जिन पर पार्टी के पास दावेदार तो कई हैं, लेकिन जिताने वाला नहीं। संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों को यही चिंता सता रही है।
दरअसल, अभी तक कुछ सीटों पर भाजपा तो कुछ पर कांग्रेस के नेताओं का कब्जा रहता था। चूंकि, इस बार केंद्र में संगठन की कमान अमित शाह के हाथ में है। प्रदेश नेतृत्व का टिकट वितरण तथा प्रत्याशी चयन में खास रोल नहीं है।
तो अब ये हथकंडा अपना सकती है भाजपा
ऐसे में अघोषित समझौतों की भी गुंजाइश कम है। यही कारण है कि जिन सीटों पर अब तक फर्ज अदायगी के तौर पर प्रत्याशी उतारे जाते थे या प्रत्याशी मेहनत ही नहीं करते थे, उन सीटों पर खास फोकस किया जा रहा है।
पार्टी से जुड़े सूत्रों की मानें तो आने वाले दिनों में पार्टी कांग्रेस में सेंधमारी कर कुछ नेताओं को अपने साथ मिलाकर कमजोरी को ताकत बनाने पर विचार कर रही है।