पत्थरबाज बन गया भाजपा का पार्षद, लोग हुए हैरान, वीडियो वायरल
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जब जनप्रतिनिधि ही पत्थरबाज बनकर कानून को अपने हाथ में लेने लगे तो उस शहर का भगवान ही मालिक। गु़ड़िया प्रकरण को लेकर शिमला में भाजपा के चक्का जाम और बंद के दौरान एक पार्षद पत्थरबाज बन गए।
भीड़ का नेतृत्व करते हुए भाजपा पार्षद बड़े जोश के साथ नारे लगाते हुए आगे प्रदेश सचिवालय की ओर बढ़ रहे थे। सफेद कुरता-पायजामा पहने पार्षद ने अचानक अपनी जेब से एक पत्थर निकाला और भीड़ से कुछ कदम आगे तेजी से निकलकर पूरी ताकत के साथ पत्थर फेंका और फिर वापस भीड़ में लौट आए।
इनकी ये हरकत जागरूक नागरिक ने अपने मोबाइल में कैद कर उसका वीडियो बना लिया। वीडियो में नजर आने वाले यह लोअर ढली (मशोबरा) से भाजपा पार्षद शैलेंद्र चौहान हैं। यह लगातार दूसरी बार पार्षद चुने गए हैं और इस बार डिप्टी मेयर पद के सशक्त दावेदारों में से एक थे। पार्षद की इस हरकत को मौके पर कई लोगों ने देखा और हैरान रह गए।
पढ़िए क्या बोले पार्षद
यह एक तरह से भीड़ को उकसाने का काम हो रहा था। इस वीडियो में साफ नजर आ रहा है कि इस जगह पर पार्षद के अलावा भीड़ में मौजूद किसी दूसरे प्रदर्शनकारी ने पत्थर नहीं फेंका। क्या पार्षद पत्थर फेंककर भीड़ को उकसाना चाहते थे।
इसलिए उन्होंने पहले खुद पत्थर फेंक कर पहल की? यह जांच का विषय है। अगर भीड़ पार्षद की तरह ही पत्थरबाज बन जाती तो मौके पर स्थिति बेकाबू हो सकती थी। पार्षद का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस बारे में जब पार्षद शैलेंद्र चौहान से बात की तो उन्होंने कहा कि वह प्रदर्शन में जरूर थे लेकिन उन्होंने पत्थर नहीं मारा।