विधानसभा सत्रः जयराम ठाकुर को ये कहने पर पक्ष-विपक्ष में हुई तीखी तकरार
राज्यपाल के अभिभाषण पर सदन में चर्चा के आखिरी दिन पक्ष और विपक्ष में तीखी तकरार हुई। चर्चा के दौरान कांग्रेस विधायक आशा कुमारी ने राज्यपाल के अभिभाषण दस्तावेज को बिना तैयारी के ड्राफ्ट किया हुआ बताया।
कहा कि बिना तैयारी के ड्राफ्ट किया गया राज्यपाल का भाषण गवर्नर की भी अवमानना है। अभिभाषण में प्रयोग की गई अंग्रेजी भाषा इतनी खराब लिखी है जैसी दसवीं का छात्र भी नहीं लिखता है। राज्यपाल के अभिभाषण में ‘पहली बार प्रदेश को युवा मुख्यमंत्री मिला’ वाक्य गलत है।
जयराम ठाकुर से पहले बनने वाले मुख्यमंत्री यशवंत परमार की आयु 45, रामलाल ठाकुर की 48, वीरभद्र की 49, शांता कुमार की 42, प्रेम कुमार धूमल की आयु 53 साल थी। ऐसे में सत्तापक्ष कैसे कह सकता है कि जयराम ठाकुर प्रदेश के सबसे युवा मुख्यमंत्री बने।
जयराम ठाकुर और सत्तापक्ष के सदस्य आरोप लगा रहे हैं कि मुख्यमंत्री राहत कोष कांग्रेस ने खाली कर दिया। मुख्यमंत्री राहत कोष सीएम अपनी होशियारी से जमा करता है। इसलिए इसे जनहित के लिए खर्च करना भी सत्तापक्ष का हक होता है।
रामलाल ठाकुर और आशा कुमारी ने ये कहा
आशा कुमारी ने कहा कि भाजपा कांग्रेस की योजनाओं का पहले विरोध करती है फिर यू टर्न लेकर उन्हें अपनाकर उनका गुणगान करती है। भाजपा पहले मनरेगा का विरोध करती थी लेकिन, आज उसी का गुणगान करती है। भाजपा पहले आधार को गलत बताती थी, आज उसे अपना रही है।
एफडीआई का भाजपा विरोध करती थी, आज शत प्रतिशत इसका समर्थन कर रही है। आशा कुमारी ने कहा कि आचार संहिता के दौरान अटके जेएनएनयूआरएम योजना के तहत स्वीकृत बस रूटों को परिवहन मंत्री गोविंद ठाकुर जल्द बहाल करें।
चर्चा में भाग लेते हुए कांग्रेस विधायक रामलाल ठाकुर ने कहा कि राज्यपाल का अभिभाषण का दस्तावेज गौण है। इसमें यह कहना कि पहली बार बने प्रदेश के युवा मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर वाक्य का तथ्य गलत है। भाजपा के पिछले कार्यकाल में सीएम राहत कोष में 24 करोड़ रुपये थे।
जबकि, कांग्रेस शासन में सीएम राहत कोष में 62 करोड़ रुपये आए। 1971 में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने प्रदेश को 90 फीसदी अनुदान दिया था। हिमाचल में मूलभूत सुविधाएं कांग्रेस सरकार के शासनकाल में मिलीं।
भ्रष्टाचार पर सत्तापक्ष बड़ी बड़ी बातें न कहे। भाजपा के एक महासचिव खुद भ्रष्टाचार के केस में संलिप्त हैं। उन पर एफआईआर दर्ज हुई है। मुख्यमंत्री के स्वागत में कर्मचारी आ रहे हैं, यह कैसी प्रथा बन रही है।
पांचवीं के बच्चों को 100 तक गिनती नहीं आती : धवाला
कई प्राइमरी स्कूलों में चार छात्र और 3 अध्यापक, किसी स्कूल में 60 बच्चे और तीन शिक्षक, आखिर शिक्षा में यह कैसा पैमाना फिट किया गया। सरकारी स्कूल के पांचवीं के कई बच्चों को 100 तक गिनती तक नहीं आती है।
इस तरह बिना विजन फिजूलखर्ची के चलते आज प्रदेश में कर्मचारियों को तनख्वाह देने तक के लिए पैसे नहीं है। सड़कों की गुणवत्ता सवालों के घेरे में है। दो महीने पहले डाला तारकोल उखड़ रहा है। ऐसे ठेकेदारों पर कार्रवाई होनी चाहिए। खैर चोरी पर अंकुश लगना चाहिए।
भाजपा सरकार में चमचागीरी नहीं चलेगी : बिक्रम
चर्चा में भाग लेते हुए भाजपा के मंत्री बिक्रम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस विधायक कह रहे हैं कि हम स्वागत में शिक्षकों को बुला रहे हैं । शिक्षकों को स्वागत के लिए हम नहीं कांग्रेस बुलाती थी। राजनीतिक प्रतिशोध के चलते कांग्रेस ने हमारे नेताओं पर एक नहीं बल्कि पांच से 10 केस बनाए थे।
सरकारी अफसर भाजपा के एजेंट नहीं बल्कि उन्हें काम करना होगा। इस सरकार में चमचागीरी नहीं चलेगी। भाजपा सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ है। भ्रष्टाचार चाहे नेता करेगा या अफसर किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। कांग्रेस ने सीएम राहत कोष का आवंटन भेदभाव की मंशा से किया था।
माइनिंग एक्ट की पेचीदगियां दुरुस्त करेंगे
राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान भाजपा सरकार के मंत्री बिक्रम ठाकुर ने कहा कि अवैध खनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। खनन पर लगाम लगाने के लिए माइनिंग एक्ट की पेचीदगियों को दुरुस्त किया जाएगा। विक्रम ठाकुर विधायक राकेश पठानिया की ओर से लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान अवैध खनन पर जताई गई चिंता को लेकर जवाब दे रहे थे।
सदन में बिजली की आंखमिचौनी
सदन में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान बिजली की आंखमिचौनी भी हुई। उद्योग मंत्री बिक्रम ठाकुर जब चर्चा में भाग ले रहे थे तो दो बार अचानक बिजली चली गई। हालांकि, तुरंत बिजली बहाल हो गई।
सदन में लाल टोपी पहन पहुंचे विक्रमादित्य
तपोवन के सदन में पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के बेटे विधायक विक्रमादित्य की मैरून रंग की टोपी चर्चा का विषय बनी रही। मैरून रंग की टोपी भाजपा पार्टी के नेता ज्यादा पहनते हैं। ऐसे में विपक्ष में बैठे विक्रमादित्य की मैरून रंग की टोपी पर खूब टीका टिप्पणी चलती रही।
धवाला की फिसली जुबान, जयराम और वीरभद्र को ये कहा
सदन में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान भाजपा विधायक रमेश धवाला की जुबान अचानक फिसल गई। धवाला जयराम ठाकुर को मुख्यमंत्री के बजाय प्रधानमंत्री बोल गए। हालांकि, गलती का अहसास होने पर उन्होंने तुरंत इसमें शुद्धिकरण किया। चर्चा के दौरान धवाला ने वीरभद्र को सलाम भी किया। कहा कि वीरभद्र सिंह वाकई में मार्शल हैं।
आशा ने जयराम को कहा- आप रो क्यों रहे
आशा कुमारी ने सदन में सत्तापक्ष की ओर से मुख्यमंत्री राहत कोष का मुद्दा बार बार उठाने पर जोरदार पलटवार किया। उन्होंने कहा कि सरकार इसके लिए उद्योगपतियों, विधायकों सहित कई अन्य साधनों से मदद लेती है। आपकी सरकार भी ऐसे ही करती थी। इस पर जयराम बोले कि हम भी मदद लेंगे। तो आशा बोलीं फिर आप रो क्यों रहे हैं।
बिंदल ने जयराम और रामलाल को टोका
सदन में चर्चा के दौरान विस अध्यक्ष राजीव बिंदल ने सत्तापक्ष और विपक्ष को कई बार बीच में टोका। मुख्यमंत्री जयराम जब राज्यपाल के अभिभाषण की चर्चा के बाद विधायक राकेश पठानिया के धन्यवाद प्रस्ताव पर अपना पक्ष रख रहे थे तो विस अध्यक्ष राजीव बिंदल ने उन्हें टोका।
जयराम ने कहा कि 18 सदस्यों ने चर्चा में भाग लिया। इस पर बिंदल ने उन्हें टोकते हुए कहा कि 18 नहीं 20 सदस्यों ने चर्चा में भाग लिया। इससे पहले बिंदल ने कांग्रेस विधायक रामलाल को भी रोका। चर्चा का दिया गया समय खत्म होने की जानकारी देने पर रामलाल ने कहा कि दो मिनट तो सीएम खा गए मेरे। इस पर बिंदल ने कहा कि शब्दों का ध्यान रखें।